स्टेशन पर स्टाल में आग, मची अफरा-तफरी
भास्कर न्यूज - अम्बाला
कैंट रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म नंबर 2 व 4 के बीच गुरुवार शाम पौने सात बजे स्टाल नंबर-4 में आग लग गई। आग को बेकाबू होता देख स्टाल पर मौजूद संचालक भाग खड़ा हुआ। यात्रियों के जानमाल को बचाने के लिए घटनास्थल के ठीक सामने मौजूद आरपीएफ चौकी में मौजूद जवानों ने मोर्चा संभालने में देर नहीं की। स्टाल में गैस सिलेंडर होने के कारण हादसे की भयावहता और बढ़ गई थी।
इस दौरान रेलवे प्रशासन ने स्टेशन पर आ रही शताब्दी एक्सप्रेस व शान-ए-पंजाब को स्टेशन से बाहर ही रुकवाए रखा। आरपीएफ ने फायर ब्रिगेड के आने तक लगभग 10 अग्निरोधक सिलेंडरों से आग पर काबू पाए रखा। इस हादसे के दौरान सीनियर डीसीएम गुलशन कुमार व एईई विनोद कुमार व आरपीएफ कमांडेंट महेंद्र कुमार अधिकारी भी स्थिति पर नजर रख रहे थे। यह हादसा स्टाल नंबर 4 पर हुआ था। इस स्टाल का संचालन शिवम पांडे कर रहा था। स्टाल के मैनेजर गुड्डू ने बताया कि वह पांच मिनट पहले ही स्टाल से गया था। कई घंटे से बिजली नहीं थी, जब बिजली आई तो फ्रिज के कम्प्रेशर में उठी चिंगारी से स्टाल में
आग लगी।
पलेटफार्म नंबर-2 पर स्टाल में लगी आग से जला सामान।
१७ जवान बुझाने में जुटे
आरपीएफ कमांडेंट महेंद्र कुमार ने बताया कि जिस वक्त हादसा हुआ चौकी में इंस्पेक्टर सुखदेव सिंह सहित जवान मौजूद थे। आरपीएफ ने चौकी में मौजूद लगभग 10 अग्निरोधी सिलेंडरों से आग को बुझाया। आरपीएफ के १७ जवान आग बुझाने में जुट गए थे। इंस्पेक्टर सुखदेव सिंह ने बताया कि स्टाल में अग्निरोधी यंत्र भी नहीं पाए गए।
२३ मिनट बाद पहुंची शताब्दी
दिल्ली जा रही शताब्दी एक्सप्रेस को सात बजे प्लेटफार्म नंबर दो पर आना था। आग के कारण शताब्दी व शान ए पंजाब को आउटर पर रुकवा दिया गया था। आग पर काबू पाने के बाद प्लेटफार्म नंबर दो व चार के बीच रेलवे परिचालन शुरू हुआ। शताब्दी सात बजकर 23 मिनट पर स्टेशन पर आई, उसके बाद शान-ए-पंजाब गाड़ी आई।
कमेटी करेगी जांच
सीनियर डीसीएम गुलशन कुमार ने बताया कि आगजनी को लेकर तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई है जो जांच कर रिपोर्ट सौंपेगी। जांच की जाएगी कि स्टाल संचालक ने किस प्रकार की कोताही बरती है।
स्टाल के मैनेजर बोले-फ्रिज के कम्प्रेशर में उठी चिंगारी से आग लगी
आग बुझाते अग्निशमनकर्मी।
स्टाल की मालिकन अंजली वधावन से पूछताछ करते रेलवे अधिकारी।