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डाउनलोड करेंअम्बाला. वर्षों से गंदगी और बदबूदार माहौल में रह रही इंदिरा कॉलोनी की महिलाओं के सब्र का बांध सोमवार को टूट गया। इलाके की दर्जनों महिलाओं ने अपने घरों का कूड़ा कैंट नगर निगम में सचिव के दफ्तर के सामने लाकर फेंक दिया और निगम के खिलाफ नारेबाजी की। महिलाओं की हुंकार सुनकर दफ्तर के तमाम कर्मचारी व अफसर अपने-अपने कमरों से बाहर निकल आए।
कॉलोनी की पूजा ने कहा कि मोहल्ला नरक में तबदील होकर रह गया है। चारों तरफ गंदगी का साम्राज्य है। सोना देवी ने कहा कि नालों की सफाई बरसात का पानी ही करता है। निगम के सफाई कर्मचारी यहां आने को राजी नहीं हैं। मीनू ने कहा कि नालियों का पानी लोगों के घरों में घुस रहा है जिससे लोग बीमार हो रहे हैं।
मंजू ने बताया कि प्रशासन द्वारा गर्मी के दिनों में मच्छरों को मारने के लिए दवाइयों का छिड़काव भी नहीं कराया जाता। बारिशों के मौसम में पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। कीट-पतंगे और सांप इत्यादि जहरीले जानवर लोगों के घरों में घुस जाते हैं।
रंजीता ने बताया कि मोहल्ले में 50 के लगभग मकान हैं जिनका कूड़ा डालने के लिए एक भी कूड़ेदान नहीं है। ओमवती ने कहा कि कई बार निगम में सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने के लिए गुहार लगाई गई परंतु इस दफ्तर में कोई भी गरीबों का दुखड़ा सुनने वाला नहीं है।
राधा ने कहा कि यदि प्रशासन अब भी न जागा तो बड़े अधिकारियों के दफ्तरों के बाहर भी इसी तरह से प्रदर्शन किए जाएंगे। इस दौरान राखी, संतोष, पूनम, अनीता, प्रवीन, राजू व अनिल आदि ने भी नाराजगी जाहिर की। वहीं दूसरी ओर बीसी बाजार की महिलाओं ने सीवरेज लाइन न डलने के रोष स्वरूप जनस्वास्थ्य विभाग के दफ्तर का घेराव किया।
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