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मुझे सम्मान नहीं आर्थिक मदद चाहिए: अशोक

7 वर्ष पहले
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अम्बाला सिटी. मुझे सम्मान नहीं, आर्थिक मदद चाहिए। मैं अपाहिज हो गया हूं, पैसे बिना मेरा परिवार भूखा मर जाएगा। यह दास्तान है कृष्णा कॉलोनी के अशोक कुमार की। बहादुरी के लिए गणतंत्र दिवस पर अशोक कुमार को जिला प्रशासन की ओर से सम्मानित किया गया है। वित्त मंत्री हरमोहिंद्र सिंह चट्ठा ने स्वयं उन्हें यह सम्मान दिया है। चोरों ने अशोक कुमार की दोनों बाजुएं तोड़ दी थी।

उसकी टांगें भी बुरी तरह जख्मी हैं। इस समय उसका सिविल अस्पताल में उपचार चल रहा है। अस्पताल में दाखिल अशोक कुमार ने बताया कि 13 जनवरी को मंजी साहिब गुरुद्वारा के पास सपाटू रोड पर चोर एक कॉपर स्टोर का शटर काट रहे थे। यहां की निगरानी करने वाले अशोक कुमार की उन पर नजर पड़ गई।

अशोक ने चोरों से पूछा कि वे क्या कर रहे हैं। यह सुनते ही चार लोग उस पर टूट पड़े। अशोक ने निहत्थे ही उनका मुकाबला करने का प्रयास किया। संख्या ज्यादा होने के कारण अशोक उनका मुकाबला नहीं कर पाया। लोहे की रॉड से उसकी दोनों बाजुए तोड़ दी। टांगों पर भी रॉड से गंभीर वार किए।

उसका शोर सुनकर दुकानदार मौके पर आ गए लेकिन तब तक चोर भाग चुके थे। लोगों ने तुरंत ही उसे अस्पताल में दाखिल कराया। दोनों बाजुएं टूट जाने के कारण उनका ऑपरेशन किया गया। डॉक्टर ने टांगों का भी उपचार किया है। बहादुरी के लिए ही अशोक को सम्मानित करवाने की सिफारिश हुई।

कमाने वाला कोई नहीं
अशोक के सिवाय उसके घर में कमाने वाला कोई नहीं है। परिवार में पांच सदस्य हैं। अशोक कुमार ने बताया कि उसके बच्चे पढ़ रहे हैं। वही उनकी परवरिश कर रहा है। ऐसे में अपाहिज होने के कारण उसके परिवार को भोजन के भी लाले पड़ते नजर आ रहे हैं। सम्मान उसके लिए मायने नहीं रखता। उसे तो परिवार का पेट भरना है। यही चिंता उसे सता रही है। उसने प्रशासनिक अधिकारियों से भी आर्थिक मदद की गुहार लगाई है।