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दो माह से पुलिस महकमे को छका रहे पांच आरोपी
भास्कर न्यूज, अम्बाला, फोटो
दुष्कर्म के आरोपों से परेशान पड़ाव थाने में तैनात एएसआई कर्ण सिंह ने 28 नवंबर को कनपटी पर सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। कर्ण सिंह ने अपने सुसाइड नोट में सात लोगों पर आत्महत्या के लिए उकसाने का हवाला दिया था। इस घटना ने पूरे महकमे को हिलाकर रख दिया था। पुलिस ने चंद घंटों में ही सात में से दो आरोपियों गांव सीवन माजरा की एक महिला और गांव थंबड़ के अनिल राणा को गिरफ्तार किया था। परंतु अब दो माह बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ पांच आरोपियों के गिरेबान से दूर हैं। कर्ण सिंह का परिवार इंसाफ के लिए दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हो गया है। आरोपियों के परिजन भी अपने रिश्तेदारों को बेकसूर बता चुके हैं।
पुलिस की हो रही किरकिरी
पुलिस को छकाने वालों में महकमे के ही तीन मुलाजिम हैं। इंस्पेक्टर सुरेश कुमार उसकी पत्नी लेडी हेड कांस्टेबल संगीता व एएसआई जगमाल सिंह के परिजन पिछले दिनों पत्रकारवार्ता करके उन्हें बेकसूर करार दे चुके हैं। बाकी दोनों आरोपी पत्रकार अमित और मुकेश लुथरा का भी अभी तक कोई सुराग नहीं लगा है। कैंट एसीपी राहुल देव को तात्कालीन पुलिस कमिश्नर राजबीर देसवाल ने मामले को सुलझाने के लिए जांच अधिकारी बनाया था परंतु उन्हें भी कोई सफलता नहीं मिली है। दो माह से पुलिस को छकाने की वजह से पुलिस की किरकिरी हो रही है। सवाल है कि पुलिस आखिर आरोपियों को क्यों पकड़ नहीं पा रही है।
धरने पर बैठेगा कर्ण सिंह का परिवार
मृतक एएसआई कर्ण सिंह के बेटे अमित ने बताया कि अगर जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो फरवरी माह में उनका पूरा परिवार पुलिस कमिश्नर अजय सिंघल के अम्बाला कार्यालय पर धरना देगा। उन्होंने बताया कि पुलिस के बड़े-बड़े अफसरों से गुहार लगाने के बावजूद जब इंसाफ नहीं मिल पा रहा तो धरना और भूख हड़ताल ही आखिरी विकल्प नजर आ रहा है। अमित ने कहा कि घुटन भरी जिंदगी से तो अब मरना ही अच्छा है।
धरने पर बैठेगा कर्ण सिंह का परिवार
मृतक एएसआई कर्ण सिंह के बेटे अमित ने बताया कि अगर जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो फरवरी माह में उनका पूरा परिवार पुलिस कमिश्नर अजय सिंघल के अम्बाला कार्यालय पर धरना देगा। उन्होंने बताया कि पुलिस के बड़े-बड़े अफसरों से गुहार लगाने के बावजूद जब इंसाफ नहीं मिल पा रहा तो धरना और भूख हड़ताल ही आखिरी विकल्प नजर आ रहा है। अमित ने कहा कि घुटन भरी जिंदगी से तो अब मरना ही अच्छा है।
कर्ण सिंह सुसाइड मामला
भास्कर न्यूज - अम्बाला
दुष्कर्म के आरोपों से परेशान पड़ाव थाने में तैनात एएसआई कर्ण सिंह ने 28 नवंबर को कनपटी पर सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। कर्ण सिंह ने अपने सुसाइड नोट में सात लोगों पर आत्महत्या के लिए उकसाने का हवाला दिया था।
इस घटना ने पूरे महकमे को हिलाकर रख दिया था। पुलिस ने चंद घंटों में ही सात में से दो आरोपियों गांव सीवन माजरा की एक महिला और गांव थंबड़ के अनिल राणा को गिरफ्तार किया था। परंतु अब दो माह बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ पांच आरोपियों के गिरेबान से दूर हैं। कर्ण सिंह का परिवार इंसाफ के लिए दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हो गया है। आरोपियों के परिजन भी अपने रिश्तेदारों को बेकसूर बता
चुके हैं।
पुलिस की हो रही किरकिरी: पुलिस को छकाने वालों में महकमे के ही तीन मुलाजिम हैं। इंस्पेक्टर सुरेश कुमार उसकी पत्नी लेडी हेड कांस्टेबल संगीता व एएसआई जगमाल सिंह के परिजन पिछले दिनों पत्रकारवार्ता करके उन्हें बेकसूर करार दे चुके हैं। बाकी दोनों आरोपी पत्रकार अमित और मुकेश लुथरा का भी अभी तक कोई सुराग नहीं लगा है। कैंट एसीपी राहुल देव को तात्कालीन पुलिस कमिश्नर राजबीर देसवाल ने मामले को सुलझाने के लिए जांच अधिकारी बनाया था परंतु उन्हें भी कोई सफलता नहीं मिली है।