दीवारों पर लगी ग्रिल से हो रहे हादसे
अम्बाला - लोगों ने अपने घरों की दीवारों को बचाने के लिए राहगीरों की जिंदगियों से खिलवाड़ शुरू कर दिया है। प्रशासन का इस ओर कोई ध्यान नहीं दिखाई देता। लोग रोज हादसों का शिकार हो रहे हैं। रानीबाग के रहने वाले परमजीत सिंह ने बताया कि वह एक दिन शाम को पैदल घूम कर घर आ रहे थे तो एक घर के आगे गड़े गार्डर से उनका पांव टकरा गया, जिससे पांव में चोट आने से कई दिनों तक काम पर नहीं गए। शाम नगर के मंजीत सिंह ने कहा कि एक दिन वह अपनी गाड़ी लेकर काम से घर लौट रहे थे तो एक दुकान के बाहर ईंटें लगाकर बनाई गई छोटी दीवार से कार टकरा गई। कार में डेंट पड़ गया। कार को ठीक कराने में हजारों रुपए खर्च हो गए।
दयाल बाग की रहने वाली सरिता ने बताया कि एक दिन उनका बेटा गली में साइकिल चला रहा था। अचानक वह गिर गया। गली में गार्डर गड़ा हुआ था। इससे उसकी पीठ में गंभीर चोटें आई। कई दिन वह स्कूल नहीं जा पाया। हाउसिंग बोर्ड कालोनी के रहने वाले राजकुमार ने बताया कि गली मोहल्लों में लगभग हर घर के सामने बड़े बड़े पत्थर पड़े हैं। हादसों का शिकार हुए लोगों ने प्रशासन से उन भवन मालिकों के खिलाफ कार्रवाई करने की अपील की है जिनके घरों के बाहर गड़े गार्डर लोगों के लिए परेशानी का सबब बन रहे हैं।
> लोगों ने घरों के आगे गाड़े लोहे के गार्डर और पत्थर