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स्कूल बंद होंगे तो कैसे बनेगा शिक्षा का हब

7 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - अम्बाला
फेडरेशन ऑफ प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने गुरुवार को अम्बाला में प्रस्तावित रैली को सफल बनाने के लिए अम्बाला के कई स्कूलों का दौरा किया। इस मौके पर प्रदेशाध्यक्ष कुलभूषण शर्मा ने कहा कि कैंट के गांधी मैदान में होने वाली रैली साबित कर देगी कि निजी स्कूल संचालकों की मांगों की तरफ सरकार ने ध्यान नहीं दिया तो आने वाले दिनों में सरकार को इसका खामियाजा भुगतना होगा।
कुलभूषण ने कहा कि सरकार प्रदेश में बिना मान्यता चल रहे 1372 स्कूलों को बंद करने की बात कर रही है। ऐसे में सरकार प्रदेश को शिक्षा का हब कैसे बना पाएगी। सरकार इन स्कूलों को आरटीई के तहत चलने की परमिशन दे। शर्मा ने कहा कि
रैली में प्रदेशभर से प्राइवेट स्कूल संचालक हिस्सा लेंगे। वे इस रैली को सफल बनाने को लेकर प्रदेशभर के कई जिलों का दौरा कर चुके हैं और स्कूल संचालकों में रैली को लेकर काफी उत्साह है। उन्होंने दावा किया कि रैली में 15 से 20 हजार की भीड़ जुटेगी। इस रैली के माध्यम से सरकार को संदेश दिया जाएगा कि यदि सरकार ने समय रहते प्राइवेट स्कूल संचालकों की परेशानियों को नहीं समझा तो वे भविष्य में भी आंदोलन करने से पीछे नहीं रहेंगे। एसोसिएशन ने बुधवार शाम को
रैली स्थल पर प्रबंधों का जायजा भी लिया। इस अवसर पर प्रदेश प्रवक्ता सौरभ कपूर, जिला प्रधान बंसी लाल कपूर, ब्लॉक प्रधान, अर्बन लखमीर सिंह सिद्धू, ओमप्रकाश व कई पदाधिकारी मौजूद रहे।



ये हैं मुख्य मांगें

> सरकार रूल 134ए को खत्म कर आरटीई के तहत फ्री एडमिशन देने का प्रावधान बनाए।

> राज्य में संचालित गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों को आरटीई के तहत जमीन में छूट देकर मान्यता दी जाए।

> स्थाई मान्यता प्राप्त स्कूलों को पुराने नियमों के तहत जमीन की छूट देते हुए अपग्रेड किया जाए।

> निजी स्कूलों में बिजली, पानी, प्रॉपर्टी पर लगाए जा रहे कॉमर्शियल टैक्स को खत्म किया जाए।

> निजी स्कूलों में शिक्षा दे रहे शिक्षकों को पात्र परीक्षा से मुक्त कराया जाए।

> बसों का बकाया पैसेंजर टैक्स माफ किया जाए।

> सीबीएसई की तर्ज पर नए

हाई स्कूल खोलने की पॉलिसी बनाई जाए।