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राष्ट्रपिता को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि

7 वर्ष पहले
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अम्बाला सिटी - देश के नेताओं को आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की सोच पर अपनाने की जरूरत है। महात्मा गांधी की सोच अहिंसा परमो धर्म थी। आज राजनेता महात्मा गांधी की शिक्षाओं को अपने जीवन में उतारकर एक नए भारत का निर्माण कर सकते हैं। भारत फिर सोने की चिडिय़ा बन सकता है। उक्त शब्द गुरुवार को एटीएफआई के कार्यालय में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के बलिदान पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित करते हुए फ्रंट इंडिया के अध्यक्ष वीरेश शांडिल्य ने कहे। इस अवसर पर कुलवंत सिंह मानकपुर, महिंद्र धीमान, सुरेंद्र पाल केके, संजीव विक्टर, बलदेव सिंह रोहड़ा, केसर सिंह मौजूद थे।
बलिदान दिवस पर कार्यक्रम: ऑल इंडिया एंटी टेरेरिस्ट फ्रंट के प्रदेश कार्यालय में राष्ट्र पिता महात्मा गांधी के बलिदान दिवस पर कार्यक्रम हुआ। जिसमें बापू को श्रद्धांजलि दी गई। फ्रंट के प्रदेश उपाध्यक्ष नितिन उप्पल ने कहा कि गांधी ने अहिंसा के रास्ते पर चलते हुए देश को अंग्रेजों की गुलामी से मुक्त कराया। शहीदों से प्रेरणा लेते हुए सभी की जिम्मेदारी बनती है कि भावी पीढ़ी को उनके बलिदानों से अवगत कराएं। इस अवसर पर मनीष बतरा, परमिंदर सिंह, अमनदीप पुनिया, गुरदीप सिंह, हरमीत सिंह, मलक सिंह, राकेश कुमार, पंकज कुमार व अमित भाटिया मौजूद थे।