हमला करने वालों के खिलाफ किसान लामबंद
भास्कर न्यूज - सिवानी मंडी
23 जनवरी को हड़ताली कर्मचारियों, किसानों व मजदूरों पर हुए हमले की जांच और इसमें शामिल अधिकारियों और स्थानीय लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर किसान सभा 3 फरवरी को डीसी भिवानी के कार्यालय पर धरना देगी।
उनकी मांग है कि इस मामले में सिवानी के एसडीएम सतबीर सिंह जांघू, एसडीओ कुलदीप सिंह दूहन व पुलिस वालों के अलावा मारपीट करने के लिए बुलाए गए स्थानीय लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्जकर कार्रवाई की जाए। किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगे नहीं मानी गई तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे।
इसे लेकर मंगलवार को किसान भवन में किसान सभा की एक बैठक हुई। किसान नेता डालाराम खौड़ की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में 23 जनवरी के घटनाक्रम की कड़े शब्दों में निंदा की गई साथ ही इस पूरे प्रकरण को एक साजिश करार देते हुए इसमें शामिल अधिकारियों और लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।
बैठक में बोलते हुए किसान सभा के प्रदेश सचिव दयानंद पूनिया ने कहा कि 23 जनवरी को सिवानी के एसडीएम व एसडीओ ने प्राइवेट लोगों को बुलवाकर उनपर हमला किया था।
साथ ही पुलिस को आदेश देकर उनको बेवजह पिटवाया गया। यहीं नहीं सैंकडों की संख्या में किसानों, मजदूरों और कर्मचारियों को अवैध रूप से हिरासत में रखा गया। कारण पूछने पर अधिकारियों का जवाब था कि पूनिया की जान को खतरा था। प्रशासन को अगर इसकी पुख्ता जानकारी थी तो ऐसे तत्वों को तुरंत गिरफ्तार कर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया जाए।
बैठक में 3 फरवरी को डीसी भिवानी के समक्ष दिए जाने वाले धरने में आवारा पशुओं पर अंकुश लगवाने, मुआवजे में हो रही धांधली की जांच करवाने, पिलर बॉक्स हटवाने और बिजली के दाम कम करने की मांग भी की जाएगी। इस मौके पर किसान नेता राजबीर सिंधू, सरवर सिंधू, सतबीर
ढाका, सतबीर ढांडा, जगमाल गेट, दारा सिंह, मोहनलाल, रामकिशन भाकर, इंद्रसिंह गुढा,
केहर सिंह नंबरदार, महावीर भोभिया, जय सिंह पूनिया, धर्म सिंह सहित कई लोग मौजूद थे। सभी लोगों ने इस मौके पर आगे की लड़ाई की
रणनीति बनाई।