पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • हो सकती है रोडवेज तालमेल कमेटी भंग

हो सकती है रोडवेज तालमेल कमेटी भंग

8 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भिवानी - सरकार व रोडवेज तालमेल कमेटी के बीच हुए फैसले को लेकर तालमेल कमेटी के सदस्यों में रार पैदा हो गई है। सर्वकर्मचारी संघ से संबंधित रोडवेज कर्मचारियों का धरना कर्मशाला के पास आज भी जारी रहा। दल के नेताओं ने आरोप लगाया है कि इस फैसले में कर्मचारी नेताओं ने सौदेबाजी की है।
मंगलवार अल सुबह सरकार व रोडवेज संगठन के नेताओं के बीच हुए फैसले के बाद हड़ताल वापस लेने की घोषणा कर दी थी। इस बातचीत में सर्वकर्मचारी संघ ने शिरकत नहीं की थी। बुधवार को धरना स्थल पर रोडवेज वर्कर यूनियन संबंधित सकसं ने एक बैठक कर कहा कि उनकी हड़ताल 23 जनवरी तक जारी रहेगी। संघ के डिपो प्रधान राजकुमार दलाल ने कहा कि सरकार के साथ हुई बातचीत में अन्य दल के नेताओं ने सौदेबाजी की है।
उन्होंने कहा कि तालमेल कमेटी के आह्वान पर जब पहले ही यह तय कर लिया गया था कि जब तक सरकार 3519 प्राइवेट रूटों को रद्द नहीं करती तब तक हड़ताल जारी रहेगी। एक मांग भी पूरी किए बिना हड़ताल समाप्त करना रोडवेज के 18 हजार कर्मचारियों की पीठ में छुरा घोंपने जैसा है। बैठक में संजय सांगवान, महेंद्र सिंह तंवर, प्रदीप बजीणा, राजेश शर्मा, नरेश शर्मा, जयसिंह चहल, जोगेंद्र, शर्मा, सज्जन सिंह, अजीत सिंह, ईश्वर सिंह, ललित शर्मा, दीपक कुमार, कर्मबीर सिंह, राजकुमार, महेश पाल समेत अनेक कर्मचारी उपस्थित थे। इस बैठक में जिस तरह से सर्वकर्मचारी संघ के नेताओं के तेवर थे तथा जिस तरह से उन्होंने अन्य यूनियन नेताओं पर आरोप लगाए हैं उससे स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि अब तालमेल कमेटी ज्यादा लंबे समय नहीं चल पाएगी। इसका सीधा लाभ सरकार को मिलेगा।