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हड़ताल के आखिरी दिन कर्मियों ने दिखाई ताकत

8 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - भिवानी
हड़ताल आगे न बढ़े इसके लिए गुरुवार को प्रशासन ने कर्मचारी नेताओं की धरपकड़ की। करीब दो दर्जन नेताओं को पकड़ा भी गया। हालांकि गुरुवार देर शाम हड़ताल खत्म हो गई।
तीन दिवसीय हड़ताल गुरुवार शाम को समाप्त होनी थी, लेकिन प्रशासन को आशंका बनी हुई थी कि कहीं हड़ताल लंबी न हो जाए। हड़ताल लंबी न हो इसके लिए प्रशासन ने दोपहर बाद कर्मचारी नेताओं की धरपकड़ शुरू कर दी थी। एक कर्मचारी नेता राजबीर की गिरफ्तारी की पुष्टि भी हुई। राजबीर बिजली निगम में कार्यरत हैं और वह गुरुवार को नेहरू पार्क से एक आदमी के साथ मोटरसाइकिल पर घर की तरफ जा रहा था। बीटीएम चौक के पास पुलिस जिप्सी ने उनका रास्ता रोक लिया और उसे अपने साथ ले गए। एक अन्य कर्मचारी नेता हांसी गेट स्थित जूतों की दुकान में घुस कर पुलिस को चकमा देने में सफल हो गया। उधर, एक कर्मचारी नेता ने आशंका जताई कि शायद पुलिस उसके तीन साथी कर्मचारियों को पकड़ ले गई है, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। इसके चलते लगभग सभी नेताओं ने अपने मोबाइल स्विच ऑफ कर लिए हैं। उधर, पुलिस ने किसी भी कर्मचारी नेता की गिरफ्तारी से इनकार किया है।
उधर, हड़ताल के तीसरे दिन गुरुवार को कर्मचारियों ने मांगों को लेकर सचिवालय व शहर में रोष प्रदर्शन कर ताकत दिखाई। प्रदर्शन का नेतृत्व सर्व कर्मचारी संघ के खंड प्रधान महेंद्र सिंह बडाला व महासंघ के प्रधान सुरजमल कर रहे थे। इसके बाद सभी कर्मचारी नेता नेहरू पार्क में एकत्रित हुए। कर्मचारियों को संजीव मंदौला व जयबीर नाफरिया, शक्ति सिंह सिवाच, वजीर सिंह, सुखदेव सिंह, रामनिवास कौशिक, ऋषि राम शर्मा, ओमबीर नेहरा, जयप्रकाश, महेश रोहिला, विनोद परमार, सुखदर्शन, राजपाल चाहर, मा. शेरसिंह, हजकां नेता कमल सिंह व नरेंद्र दिनोद आदि कर्मचारी नेताओं व संगठन नेताओं ने संबोधित किया। महापंचायत के संयोजक संपूर्ण सिंह ने कहा कि महापंचायत इस आंदोलन में कर्मचारियों के साथ है।
प्रदर्शन में बिजली निगम, मिनिस्ट्रीयल स्टॉफ, शिक्षा बोर्ड, समाज कल्याण विभाग, रिटायर्ड कर्मचारी, जनस्वास्थ्य विभाग, अध्यापक संघ, सीटू, रोडवेज, आईटीआई, जनवादी महिला समिति, नगर पालिका, सिंचाई, पटवारी, खजाना, किसान सभा व एसएफआई समेत अनेक संगठनों व विभागों के कर्मचारियों ने भाग लिया। प्रदर्शन करने वालों में जयप्रकाश परमार, अजीत राठी, बलवान दहिया, दीवान सिंह जाखड़, सरोज, ओमप्रकाश ग्रेवाल, धर्मबीर भाटी, संदीप सांगवान, विनोद परमार, मा.शेर सिंह, महेश रोहिल्ला, रामफल देशवाल, राजेश सभ्रवाल, राजबीर सिंह, राजकुमार दलाल, रामकुमार सराय, रामकिशन काजल, संदीप सोरखी, रूप कुमार, अनूप सिवाच, कृष्णा सिवाच, सुशीला, बिमला घणघस, पुनीत, रमेश चांगिया, संतोष देशवाल आदि थे।