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बिजली निगम से शिकायत नहीं रही या अफसरों पर विश्वास
भास्कर न्यूज - भिवानी
शहर के लोगों की या तो बिजली निगम से संबंधित समस्याएं खत्म हो गई हैं या फिर निगम कर्मचारियों या अधिकारियों पर उनका विश्वास नहीं रहा। बिजली निगम की ओर से वार्ड स्तर पर शुरू किए गए खुले दरबार में समस्याओं का नाम मात्र संख्या देखकर कुछ ऐसा ही लग रहा है।
उपभोक्ताओं को हमेशा शिकायत रहती है कि बिजली निगम में उनकी समस्या का समाधान समय पर नहीं होता है। बिजली महापंचायत के आंदोलन के बाद और उपभोक्ताओं को शिकायतें दूर करने के लिए बिजली निगम ने लोगों के वार्डों में जाकर समस्याओं के समाधान करने की पहल शुरू की है।
मंगलवार को दो वार्डों में खुला दरबार सजा। वार्ड नंबर दो का दरबार पुराने बस स्टैंड स्थित कमला भवन में सजा यहां पर एसडीओ विक्रम सिंह, सीए महेश रोहिल्ला, फीडर प्रबंधक मंजीत, बिजेंद्र सहित अनेक स्टॉफ सदस्य उपस्थित थे। यहां पर 16 उपभोक्ताओं ने अपनी समस्याएं रखीं। वार्ड नंबर 18 का दरबार मास्टर सूरत सिंह वाली गली में स्थित पार्षद मीनू रानी के कार्यालय में लगाया गया, यहां पर एसडीओ राजेश, फीडर प्रबंधक नारायण प्रकाश, चंद्रपाल सहित स्टॉफ सदस्य उपस्थित थे। यहां पर 12 उपभोक्ताओं ने अपनी समस्याएं रखीं। जिन्हें मौके पर निपटाया गया।
वार्ड दो में 16 और वार्ड 18 के दरबार में १२ उपभोक्ताओं ने रखीं समस्याएं
दस साल से दुकान बंद है। बिल हजारों रुपये आ रहा है। आदर्श नगर के डॉ. ओमप्रकाश चांदना की समस्या पर अधिकारियों ने बिल ठीक कराने का आश्वासन दिया।
साहब! पहले बिल 800 रुपये के आस-पास आता था। नया मीटर लगते ही यह पांच गुणा हो गया है। पुराना बस स्टैंड निवासी बिजेंद्र वर्मा की इस समस्या पर अधिकारी बोले कि मीटर चेक करवा देंगे।
मुकेश कुमार ने बताया कि उसकी मेडिकल की दुकान है। उसमें सिर्फ एक सीएफएल जलती है। लेकिन बिल ज्यादा आ रहा है। साहब बिल ठीक करा दो। इस पर अधिकारियों ने बिल को ठीक किया व आश्वासन दिया की आगे से बिल ज्यादा नहीं आएगा।
साहब! मकान में एक कमरा है और उसमें भी एक सीएफएल। बिल भेज रहे हैं 15 हजार रुपये। नया बाजार स्थित लंबी गली निवासी अजीत ने बताया कि वह मजदूरी करता है। सारी कमाई बिजली बिल में चली जाती है। साहब मेरा बिल ठीक कर दो। अधिकारियों ने बिल ठीक किया और चेक मीटर भी लगवा दिया।
मीटर बदलने के साथ बढ़ा बिल
एक सीएफएल का बिल भेज रहे हैं 15 हजार रुपये