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राजबल ने निभाया जीवन के रंगमंच का अंतिम किरदार

7 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - भिवानी
जाने माने रंगकर्मी व हरियाणवीं फिल्मों में अभिनय कर चुके पंडित राजबल शर्मा का मंगलवार रात दो बजे दिल का दौरा पडऩे से निधन हो गया। वे 72 वर्ष के थे। राजबल शर्मा ‘ले ज्यांगे लणिहार’ जैसी लोकप्रिय फिल्मों में अभिनय कर चुके हैं। सामाजिक कार्यों में हमेशा आगे रहने वाले राजबल शर्मा ने आजीवन सामाजिक सद्भावना के लिए कार्य किया। राजबल शर्मा बिजली विभाग में ऑडिटर के पद से सेवानिवृत हुए थे।
राजबल शर्मा हरियाणवी फिल्मों के जानेमाने कलाकार रहे। उन्होंने, ले ज्यांगे लणिहार, छबीली व प्यारा भर्तार जैसी फिल्मों में अभिनय किया व अपने दादा की सामाजिक कार्य करने व सदभावना की विरासत को निभाया। उनके पिता पं. रामकिशन स्कूलों पर इंस्पेक्टर थे व चार बार विक्टोरिया क्रॉस से सम्मानित हुए। पं. रामकिशन ने समाज सेवा के साथ- साथ भिवानी में हिंदु- मुस्लिम भाइचारे व देश के बंटवारे के समय लोगों की सेवा की थी।




स्मृति

शेष

भविष्यवाणी पर शहंशाह अकबर से सम्मानित हुए थे पूर्वज

राजबल शर्मा के पुत्र नारायण प्रकाश ने बताया कि उनके पिता के 9वीं पीढ़ी के पर दादा शहंशाह अकबर से सम्मानित थे व प्रकांड पंडित थे। उनके पूर्वज पंडित पदार्थ शांडिल्य ने भविष्यवाणी की थी अकबर को पुत्र होगा। इस भविष्यवाणी से खुश हो कर अकबर ने यकूदपुर गांव इनाम में दे दिया था। उनके एक परदादा महाराणा प्रताप के मुख्य पुरोहित थे। पिताजी ने भी यही परंपरा निभाई और रिटायरमेंट के बाद सामाजिक कामों में खुद को झोंक दिया।