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नशीली चाय पिला फौजी को लूटा

8 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - भिवानी
गुवाहाटी से हिमाचल प्रदेश के रोहडू जा रहे एक फौजी को एक युवक ने दिल्ली में नशीली चाय पिलाकर लूट लिया। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में कोई कार्रवाई करने के बजाय, उससे उसके जूते मांगकर किराया देने की बात कही। इसके अलावा उसे धमकी देते हुए कहा कि अगर उसने कोई कार्रवाई की बात कही तो उसे यह कहकर बंद कर दिया जाएगा कि उसने शराब पीकर खुद ही अपने पैसे गायब किए हैं। बेचारा फौजी किसी तरह भिवानी पहुंचा तो यहां के कर्मचारियों ने उसे 100 रुपये और टिकट देकर जगाधरी में उसकी बहन के घर भेजा है।
इस बारे में 213 आर्टलरी के जवान हिमाचल प्रदेश के रोहडू निवासी हरकेश डोगरा ने बताया कि इन दिनों वह गुवाहाटी में तैनात है। सोमवार को उसकी छोटी बहन की शादी है। इसलिए वह बुधवार को गुवाहाटी से ब्रह्मपुत्र एक्सप्रेस से दिल्ली के लिए चला था। रास्ते में एक और युवक उसके पास वाली सीट पर आकर बैठ गया। उसने फौजी की वर्दी पहनी हुई थी। वह उसके साथ बातें करने लगा और पूछा आपको कहां जाना है। इस पर उसने बता दिया कि उसे रोहडू जाना है। इस पर उस युवक ने भी कहा कि वह भी आर्मी में है और उसे भी सोलन जाना है। इसके अलावा वह युवक उसके प्रति हमदर्दी दिखाते हुए उससे घुल मिल गया।
हरकेश ने बताया कि वह अपनी बहन की शादी के लिए 20 हजार रुपयों के अलावा एक सूटकेस में बच्चों के अलावा परिवार के अन्य सदस्यों के कपड़े भी लेकर आया था। जबकि एक पिट्ठू बैग और एक अन्य बैग में उसके कपड़े आदि थे। शुक्रवार रात 12 बजे वह पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर उतरा। वहां से वह युवक उसे मेट्रो ट्रेन से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन ले आया। यहां आने के बाद वह वेटिंग रूम में बैठा तो युवक ने कहा कि अब चाय पीकर यहां से चलेंगे। हरकेश ने बताया कि वही युवक उसके लिए चाय बनवाकर लाया। जब उसने चाय पी तो वह बेहोश हो गया। उसे शनिवार सुबह होश आया तो उसका सूटकेस गायब था। इस पर वह दिल्ली पुलिस के पास गया। मगर वहां के पुलिसकर्मियों ने उसके साथ बहुत बुरा बर्ताव किया। उनमें से एक पुलिसकर्मी ने कहा, ‘यहां से भाग जा वरना तुझे यह कहकर बंद कर देंगे कि तूने खुद ही शराब पीकर अपना सामान खोया है।’ एक पुलिसकर्मी ने तो उसे यहां तक कह दिया कि अगर उसे किराया चाहिए तो उसे अपने जूते देने होंगे।
मगर, उसने मना कर दिया। इसके बाद वे उसे हरियाणा रोडवेज की एक बस में बिठा गए। उसे तो अब यह भी नहीं पता कि वह इस समय किस बस स्टैंड पर है। मगर शुक्र है कि इस फौजी को बदहवासी की हालत में घूमते हुए भिवानी डिपो के सेक्शन आफिसर राजेंद्र शर्मा ने देख लिया। वे उसे डिपो के एडीए कार्यालय में लाए। यहां उसके साथ हुई घटना के बारे में जानकारी ले हरकेश को चाय और बिस्कुट खिलाए। हरकेश ने बताया कि उसकी एक बहन सुनीता डोगरा जगाधरी में रहती है। इस पर राजेंद्र शर्मा, क्लर्क सुरजीत, कंप्यूटर आपरेटर अनिल और चालक राधेश्याम ने उसे एक हजार रुपये देने चाहे। मगर डोगरा ने यह कहकर पैसे लेने से मना कर दिया और उसकी बहन के घर तक पहुंचाने को कहा। इस पर इन कर्मचारियों ने डोगरा को 100 रुपये देकर करनाल वाली बस में बिठाया और कंडक्टर से टिकट नहीं काटने को कह दिया। कर्मचारियों ने डोगरा को अपने मोबाइल नंबर देते हुए कहा कि अगर उसे कोई दिक्कत आए तो उनसे संपर्क कर लेना। वहीं कंडक्टर से कहा कि वह डोगर को करनाल से जगाधरी वाली बस में बिठा दे ताकि उसे कोई दिक्कत न हो।