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डाउनलोड करेंफरीदाबाद. सूरजकुंड रोड स्थित मानव रचना इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी की टीम सिंक्रोमेश ने डॉ. ओपी भल्ला इनोवेशन एंड इन्कयूबेशन सेंटर में एमआरवी 3 फार्मूला वन रेसिंग कार तैयार की है। यह इको-फ्रैंडली वाहन है। इसके फीचर सहज ही आकर्षित करने वाले हैं।
दावा है कि यह 123 किलोमीटर प्रति लीटर की माइलेज देगी। सुरक्षा के लिए फाइव प्वाइंट सीट बैल्ट, चार हाइड्रॉलिक डिस्क ब्रेक और स्टीयरिंग सिस्टम कई मायने में दूसरी कारों से अलग है। यह हल्का वाहन ड्राइवर फिटनेस टेस्टर से युक्त है। जो किसी भी व्यक्ति को शराब पीकर गाड़ी नहीं चलाने देता। इसकी चेसिस 500 किलोग्राम का भार है। इसकी बॉडी फाइबर ग्लास से बनाई गई है। इसका वजन केवल 21 किलोग्राम है। कार में खोखले गोलाकार पाइप हैं। जो भार कम करता है।
शक्ति को बढ़ता है। यह अर्बन डीजल कार शैल अर्बन इको मैराथन में शामिल होगी। इसका आयोजन 6 फरवरी 2014 को फिलिपींस मनीला में होगा। टीम लीडर अमन आगा ने कहा कि यह गौरव का क्षण होगा। इतने बड़े आयोजन में देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। यह हमारे के लिए बेहद अहम मौका है।
छात्रों को देता है मौका
शैल ईको मैराथन एक अनूठा आयोजन है। छात्रों को सबसे ऊर्जा कुशल कार को डिजाइन करके, बनाकर और चला कर दिखाने का चुनौती देता है। दुनिया में इस तरह का तीन आयोजन होता है। मानव रचना तीसरी बार इस मैराथन में शिरकत कर रही है। एमआरवी 3 फार्मूला वन रेसिंग कार के लांच पर चांसलर डॉ. प्रशांत भल्ला ने कहा कि आज भारत केवल एक प्रतिशत ऊर्जा अनुसंधान व आविष्कार पर खर्च करता है।
अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए यूनिवर्सिटी हर संभव मदद के लिए तैयार है। डॉ. ओपी भल्ला इनोवेशन एंड इन्कयूबेशन सेंटर के निदेशक डॉ. बीएस गिल ने सेंटर के छात्रों के प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि मुख्य लक्ष्य ज्ञान के प्रसार व आविष्कार के बीच एक संतुलन कायम करना है।
टीम सिंक्रोमेशन ने फैकल्टी सलाहकार सन्नी भाटिया हैं। टीम में कर्मवीर सिंह, प्रतीक एस शर्मा, देविंदर रामावत, आराध्या चतुर्वेदी, राहुल रवि, वैभव मोहन, अक्षय जेटली, प्रतीक अरोड़ा, मनप्रीत सिंह, राहुल यादव, गगन प्रीत सिंह, अंशुल नरूला, जतिन वढ़ेरा, हिमांशु मलिक, राहुल, मनीष कुमार और विशाल शामिल हैं।
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