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कर्मों के अनुरूप मिलता है मनुष्य जन्म : चित्रलेखा
भास्कर न्यूज - बल्लभगढ़
इनेलो बल्लभगढ़ हल्काध्यक्ष पं. रामनारायण भारद्वाज ने कहा कि प्रभु की आराधना वह माध्यम है, जिससे हम सभी के दुख दर्द दूर होते हैं। वे अनाज मंडी में गौ सेवा मंडल की ओर से आयोजित श्रीमद भागवत कथा के शुभारंभ अवसर पर बोल रहे थे। भारद्वाज ने कहा, भगवान की महिमा को झुठलाया नहीं जा सकता। श्रीमदभागवत कथा समय-समय पर होती रहनी चाहिए। इस मौके पर कथावाचक देवी चित्रलेखा ने कहा कि मनुष्य को उसके कर्मों के अनुरूप ही जन्म मिलता है। कर्मों के अनुरूप ही दुख, सुख, भय भी मिलता है और नाना प्रकार की योनियों में जाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि सभी का जीवन परमात्मा के श्री चरणों में समर्पित होने से संपूर्ण हो जाता है और भक्ति जीवन का एक परम लक्ष्य है।
क्योंकि भक्ति के बिना ज्ञान अधूरा है। इस मौके पर नरसिंह भगवान की झांकी के सभी भगवत प्रेमियों ने दर्शन किए। इस मौके पर गिरीश भारद्वाज, देव दत्त, मंजू शर्मा, चंद्रभूषण शर्मा आदि मौजूद थे।