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समस्याओं को लेकर प्रदर्शन

7 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - फरीदाबाद
सेक्टर-3 के ३६ वर्ग गज में बसाए गए लोगों को 20 वर्ष बाद भी अलॉटमेंट लेटर न देने, सेक्टर के बीच बह रहे गंदे नाले को बंद न करने और अन्य समस्याओं के प्रति बरते जा रहे उपेक्षापूर्ण रवैये से खफा सेक्टर के लोगों ने एकजुट होकर हुडा प्रशासक व डीसी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। लोगों के गुस्से को देख हुडा प्रशासक ने प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए बुलाया। इसमें उन्होंने सेक्टर-३ की समस्याओं के जल्द समाधान का आश्वासन दिया।
मांगें हल करने का आश्वासन
प्रदर्शन का नेतृत्व सेक्टर तीन रेजिडेंट वेलफेयर फेडरेशन के प्रधान सुभाष लांबा ने किया। हुडा प्रशासक सुप्रभा दहिया ने अलॉटमेंट लेटर देने की मांग पर मुख्य प्रशासक को पत्र लिखने व व्यक्तिगत तौर पर उनसे बातचीत कर शीघ्र इस मांग को पूरा कराने का आश्वासन दिया। इसके अलावा दस दिन के अंदर गंदे नाले के पानी को निकालकर उसे मिट्टी से भरने का कार्य शुरू कराने व 36 गज की सड़कों का निर्माण कार्य कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद सेक्टर के लोगों ने डीसी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। उनसे मुलाकात की। उन्होंने भी फेडरेशन की मांगों को जायज बताते हुए शीघ्र अमल में लाने का आश्वासन दिया।
नहीं हो रही थी सुनवाई
फेडरेशन के महासचिव जेके सेठी व वरिष्ठ उपप्रधान धर्मपाल चहल ने कहा कि वर्ष 1990, 1991, 1992, 1993 में अलग-अलग जगह से झुग्गियों को उठाकर हजारों लोगों को सेक्टर-3 के 36 वर्ग गज के प्लॉटों में बसाया गया था। इनमें से सिर्फ कुछ ही अलॉटमेंट लेटर दिए गए थे। बाकी को नहीं। 31 मार्च, 2013 को मुख्यमंत्री ने बल्लभगढ़ में आयोजित प्रगति रैली में मुख्य संसदीय सचिव शारदा राठौर द्वारा रखी गई इस मांग पर जल्द ही अलाटमेंट लेटर देने की घोषणा की थी। सचिव रतनलाल राणा व उपप्रधान इस्माइल खान ने कहा कि सभी प्रकार का सर्वे होकर अलॉटमेंट लेटर का मामला मुख्य प्रशासन पंचकूला के कार्यालय में लंबित है। उन्होंने कहा कि २९ सितंबर २०१२ की ग्रीवांस कमेटी की बैठक में तीन महीने के अंदर गंदे नाले को बंद करने का निर्णय लिया गया था। लेकिन इसे अब तक लागू नहीं किया गया। सेक्टर में हजारों मुस्लिम समुदाय के लोग रहते हैं, लेकिन कब्रिस्तान के लिए कोई जगह नहीं है। फेडरेशन के अमर सिंह, धरनीधरन व चणिकलाल ने कहा कि शिकायत के बाद भी ३६ वर्ग गज की सड़कों को आरएमसी से बनवाने का एस्टीमेट तक स्वीकृत नहीं हुआ है। यह अब भी मुख्य प्रशासक पंचकूला के कार्यालय में लंबित है। हुडा द्वारा निर्माणाधीन डिस्पोजल का काम अधर में लटकने से सीवर की समस्या विकराल रूप ले रही है। इसका कोई स्थाई समाधान नहीं है। प्रशासन सीवर लाइनों को सुपर शॉकर मशीन से साफ कराने को भी तैयार नहीं है। सेक्टर के दर्जनों पार्क अविकसित हैं। आबादी के हिसाब से एशिया का सबसे बड़ा सेक्टर होने के बावजूद यहां न तो कोई बड़ा पार्क है और न खेल का मैदान। सर्दी में भी पानी की किल्लत सेक्टर में बनी हुई है। हुडा मार्केट में शौचालय की व्यवस्था नहीं है। सेक्टर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। पुराना पुल चालू न होने से नए पुल पर यातायात का सारा दबाव आ गया है। इससे यहां घंटों जाम लगा रहता है। मुख्य सड़कों, मार्केट व पार्किंग पर अतिक्रमण की भरमार है। लेकिन हुडा प्रशासन इसे साफ नहीं करा रहा है।