अरावली में अवैध निर्माण का मामला
भास्कर न्यूज - फरीदाबाद
अरावली में अवैध निर्माण और खनन को रोकने के लिए बुधवार सुबह तड़के प्रशासन की ओर से मिले आदेशों पर नगरनिगम दस्ते ने भारी पुलिस बल के साथ कार्रवाई करने को अनंगपुर गांव पर धावा बोला। गांव वालों के भारी विरोध के चलते दस्ते का नेतृत्व कर रहे अधिकारी गांव में पैदल दाखिल हुए और गांव वालों की ही जेसीबी से वहां पर हो रहे कुछ अवैध निर्माण को ढहाया। गांववालों द्वारा तीन दिन का वक्त लिखित में मांगने पर अधिकारियों ने उन्हें तीन दिन का समय दे दिया। इस दौरान एसडीएम धर्मेंद्र, नगरनिगम \\\'वाइंट कमिश्नर इंद्रपाल बिश्नोई, तहसीलदार विजेंद्र राणा, नगरनिगम तोडफ़ोड़ विभाग एसडीओ ओपी मोर सहित पांच थानों के थानाध्यक्षों के साथ पूरा पुलिस बल मौजूद रहा।
कार्रवाई पर एक नजर
अरावली में अवैध निर्माण व उत्खनन को लेकर दैनिक भास्कर में छपी खबर पर प्रशासन की नींद खुली। उ\\\'चाधिकारियों के आदेश पर नगरनिगम दस्ता आधा दर्जन जेसीबी के साथ सुबह तड़के करीब 6.30 बजे अनंगपुर गांव तक पहुंच गया। करीब 7 बजे तक पुलिस बल भी वहां पर पहुंच गया। इस बारे में गांव वालों को भनक लग गई। गांववासी सत्य भड़ाना, शेष पेज-15
देवेंद्र भड़ाना पूर्व मेयर और गजेंद्र भड़ाना उर्फ लाला के नेतृत्व में पहुंचे दस्ते के रास्तों की चकबंदी कर दी गई। लोगों ने सारे रास्तों को बंद करने के लिए डंपर, कारें लगा दी। साथ ही कई जगह वे रास्तों पर बैठ गए और जमकर नारेबाजी की गई। सारी ओर से रास्ते बंद होने के बाद दस्ते ने शूटिंग रेंज के पास कांत इन्क्लेव के रास्ते गांव में घुसने की कोशिश की।
वहां भी वे कामयाब नहीं हो सके। इसके बाद करीब एक घंटा प्रशासन अधिकारियों और लोगों के बीच बहस हुई। लोगों ने एसडीएम धमेंद्र से लिखित रूप में दरखास्त करते हुए तीन दिन का समय मांगा। जिस पर ही लोगों को स्वयं अवैध निर्माण हटाने व खनन रुकवाने के तहत समय दे दिया गया। इस दौरान अधिकारियों ने पैदल गांव में जाकर जायजा भी लिया। कुछ जगहों पर गांव वालों द्वारा ही किए गए अवैध निर्माण को उनकी जेसीबी से हटवाया गया।
नगरनिगम तोडफ़ोड़ एसडीओ ओपी मोर ने बताया कि गांव वालों के भारी विरोध के चलते कार्रवाई को स्थगित करना पड़ गया। इस दौरान कोई निर्माण नहीं ढहाया जा सका। गांव वालों की ही जेसीबी से एक दो फार्म हाउस की ताजा बनी दीवारों को गिरवाया गया है। इसके अलावा वहां पर कुछ नहीं किया जा सका। सारी ओर से रास्ते बंद कर दिए गए थे। गांववालों द्वारा ही लिखित में तीन दिन के समय मांगने की वजह से उ\\\'चाधिकारियों ने उन्हें समय दे दिया है।