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सिख विरोधी दंगों में शामिल थे कुछ कांग्रेसी : राहुल

7 वर्ष पहले
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ञ्चपहली बार गांधी परिवार के किसी सदस्य ने 1984 के दंगों में कांग्रेस की भूमिका स्वीकारी
ञ्चकहा: 2002 में गुजरात में मोदी सरकार ने दंगे भड़काए, 1984 में सरकार ने रोके दंगे
एजेंसी - नई दिल्ली
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने पहली बार स्वीकार किया है कि 1984 के सिख विरोधी दंगों में कुछ कांग्रेसी शामिल थे। उन्होंने कहा, ‘उन्हें इसकी सजा भी मिली है। लेकिन उन दंगों की तुलना 2002 के गुजरात दंगों से नहीं हो सकती। दोनों में बहुत अंतर है। 2002 में गुजरात सरकार ने दंगे भड़काने का काम किया। वहीं 1984 में कांग्रेस सरकार ने दंगे रोकने का काम किया था।’शेष पेज - ४
हालांकि, राहुल ने सिख विरोधी दंगों पर माफी मांगने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, ‘मैं व्यक्तिगत तौर पर दंगों में शामिल नहीं था।’ राहुल ने दस साल के राजनीतिक जीवन में अपना पहला इंटरव्यू दैनिक भास्कर को 14 जनवरी 2014 को दिया था। उसके बाद अब उन्होंने सोमवार को एक अंग्रेजी न्यूज चैनल को इंटरव्यू दिया है। राहुल ने भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी पर हमले भी बोले।
उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बयान पर सहमति जताई कि मजबूत प्रधानमंत्री का मतलब यह नहीं है कि वह अहमदाबाद की सड़कों पर निर्दोषों का जनसंहार देखें। उनसे पूछा गया कि कोर्ट ने मोदी को क्लीन चिट दी है, तो वे उन पर आरोप कैसे लगा सकते हैं? राहुल ने कहा, ‘2002 में गुजरात में दंगे हुए। लोग मारे गए। नरेंद्र मोदी उस समय रा\\\'य के मुख्यमंत्री थे। मैं अकेला उन पर आरोप नहीं लगा रहा हूं। कई लोगों ने देखा है कि गुजरात सरकार ने दंगे भड़काए। प्रशासन ने अल्पसंख्यकों पर हमले किए हैं।’
चुनावों में कांग्रेस हारी तो जिम्मेदारी मेरी होगी: राहुल
सवाल: हालिया हार के बाद लोग आपकी वोट हासिल करने की क्षमता पर सवाल उठा रहे हैं।
जवाब: मुझे पूरा विश्वास है कि 2014 के चुनावों में हम अ\\\'छा प्रदर्शन करेंगे। भाजपा को हराएंगे। यदि कांग्रेस का प्रदर्शन अ\\\'छा नहीं रहा तो उपाध्यक्ष होने के नाते सारी जिम्मेदारी मेरी होगी। वैसे, हम उत्तराखंड में जीते। कर्नाटक में जीते। तब उन्होंने कहा कि मैं उसमें शामिल नहीं था। जब हम हारे तो आलोचक कहते हैं कि मैं उसका जिम्मेदार हूं।
सवाल: क्या राजनीतिक दलों को आरटीआई के दायरे में लाया जाना चाहिए।
जवाब: मैं व्यक्तिगत तौर पर पारदर्शिता का पक्षधर हूं। लेकिन इस विषय पर सभी दलों में एक राय बनना जरूरी है। प्रेस और न्यायपालिका भी तो आरटीआई के दायरे में नहीं है। राजनीतिक दलों को आरटीआई के दायरे में लाने पर बहस होती है तो मुझे खुशी होगी।
सवाल:क्या ‘आप’ का इस्तेमाल कांग्रेस-विरोधी वोटों को बांटने और मोदी को रोकने के लिए कर रहे हैं?
जवाब: कांग्रेस करना चाहे तो भी ऐसा नहीं कर सकती। आप ने जिस तरह लोगों में पैठ बनाई, उसकी तारीफ होनी चाहिए। आप यह उपलब्धि उनसे नहीं छीन सकते। हमें लगा कि उन्हें अपने आपको साबित करने का मौका मिलना चाहिए। इसी वजह से कांग्रेस ने समर्थन देने का फैसला किया। यदि आप ने कॉमनवेल्थ गेम्स घोटाले में शीला दीक्षित के खिलाफ कार्रवाई की तो भी हम समर्थन वापस नहीं लेंगे।
सवाल:सुब्रह्मण्यम स्वामी का दावा है कि आपकी डिग्रियां फर्जी है।
जवाब: वे तो 40 साल से मेरे परिवार पर हमले कर रहे हैं। उन्हें कानूनी तरीका अपनाने दीजिए। यदि आप चाहते हैं तो मैं अपनी डिग्रियां आपको दिखा सकता हूं। मैंने एफिडेविट दिया है कि मेरे पास यह डिग्रियां हैं। मुझ पर हमले हो रहे हैं क्योंकि मैं इस सिस्टम में बदलाव ला रहा हूं।