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पिलर बॉक्स लगाकर लाइन लॉस रोकेगा बिजली निगम

8 वर्ष पहले
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जिले में पिलर बॉक्स के खिलाफ लोगों का गुस्सा शांत नहीं हो रहा है, मगर शहर में निगम पायलट प्रोजेक्ट शुरू कर रहा है
भास्कर न्यूज -!- हिसार
बिजली निगम ने पचास से अस्सी फीसदी तक लाइन लॉस वाले इलाकों की पहचान कर ली है। अब लाइन लॉस कम करने के लिए उन जगहों पर पिलर बॉक्स लगाए जाएंगे। निगम अफसरों का मानना है कि ये वे इलाके हैं जहां कुंडी कनेक्शन ज्यादा हैं। बिजली निगम फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इसे शुरू कर रहा है। एक फीडर पर नहीं बल्कि कुछेक ट्रांसफार्मरों को चिह्नित कर उस क्षेत्र में पिलर बॉक्स लगाए जाने हैं। निगम ने शहर की तीन- चार कॉलोनियों में काम भी शुरू कर दिया है। बाकी कई कॉलोनियों के लिए निगम के उच्च अधिकारियों से अप्रूवल मांगी गई है। उधर, गांवों में पहले से लगाए गए पिलर बॉक्स सिस्टम का किसान और आम उपभोक्ता व जनसंगठन लगातार विरोध कर रहे हैं।
बिजली निगम ने चंदन नगर फीडर, महाबीर कॉलोनी फीडर, नागोरी गेट फीडर एरिया में पिलर बॉक्स का काम शुरू किया है। बिजली निगम अधिकारियों की मानें तो इन फीडरों पर 30 प्रतिशत से अधिक लाइन लॉस है। जिसमें सबसे बड़ा कारण चोरी का है। निगम अधिकारियों ने बताया कि चंदन नगर फीडर पर 5 ट्रांसफार्मर चिह्नित किए हैं। इसी प्रकार महाबीर कॉलोनी व नागोरी गेट फीडर के 5 ट्रांसफार्मर अधिकारियों की नजर में हैं। निगम ने चंदन नगर फीडर से जुड़े गगनदीप कालोनी व संजय नगर में पिलर बॉक्स लगाने शुरू किए हुए हैं। उधर, महाबीर कालोनी में वाल्मीकि बस्ती, नागोरी गेट फीडर से जुड़े सिविल अस्पताल के क्वार्टरों में पिलर बॉक्स लगाए जाने हैं। इन स्थानों पर इंसुलेटेड वायर बिछाने का कार्य भी शुरू किया गया है। चिन्हित स्थानों पर करीब 80 प्रतिशत लाइन लॉस है तथा इनसे जुड़े फीडर पर एवरेज 30 प्रतिशत से अधिक लाइन लॉस है।
पुराने मीटर अपने खर्च पर बदलेगा निगम
शहर में जिन स्थानों पर पिलर बॉक्स लगाए जाने हैं या फिर लगेंगे उन उपभोक्ताओं के इलेक्ट्रॉनिक मीटर नहीं बदले जाएंगे। निगम अधिकारियों का कहना है कि अगर ऐसे उपभोक्ताओं के मीटर पहले ही घरों से बाहर लगे हुए हों और उनमें किसी प्रकार का कोई फाल्ट न हो तो उसी मीटर को बॉक्स में लगाया जा रहा है। मीटर उन्हीं उपभोक्ताओं के बदले जा रहे हैं जिनके घरों के अंदर लगे हुए हैं और इलेक्ट्रॉनिक मीटर नहीं है या फिर मीटर में किसी तरह की कोई खराबी है। जहां मीटर बदले जा रहे हैं उन उपभोक्ताओं पर यह खर्च नहीं डाला जा रहा। उसके पुराने मीटर को निगम जमा कर लेता है और उसके बदले में ही नया मीटर निगम अपने खर्च पर लगा देता है।



पायलट प्रोजेक्ट शुरू

5 किलोवाट के मीटर भी लगेंगे बॉक्स में

जिन लोगों के पांच किलोवाट के मीटर लगे हैं या फिर थ्री फेज के मीटर लगे हैं उन्हें भी बॉक्स के अंदर ही लगाया जाएगा। निगम अधिकारियों का कहना है सामान्य मीटर एक बॉक्स में 20 लगाए जा रहे हैं। जहां पांच किलोवाट के मीटर हैं वहां पर इनकी संख्या घटाकर 8 की जा रही है।