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विकट हालात में भी अधीर रहे धीर : बीरेंद्र
भास्कर न्यूज - हिसार
प्रोफेसर परमानंद अधीर की प्रथम पुण्यतिथि बुधवार को कुम्हार धर्मशाला में प्रेरणा दिवस के रूप में मनाई गई। पूर्व मंत्री प्रोफेसर परमानंद अधीर एवं चेरिटेबल एवं शैक्षणिक ट्रस्ट की ओर से आयोजित कार्यक्रम में प्रदेशभर से लोग पहुंचे। राज्यसभा सदस्य बीरेंद्र सिंह मुख्यतिथि के रूप में पहुंचे जबकि अध्यता चेरिटेबल ट्रस्ट के प्रधान धर्मपाल तवंर ने की। बरवाला के विधायक व हरियाणा पिछड़ा वर्ग व कमजोर वर्ग आयोग के चेयरमैन रामनिवास घोडेला विशिष्ठ अतिथि थे।
अधीर की स्मृति में हवन
इस दौरान गुरुकूल के मुख्यधिष्ठता आचार्य रामस्वरूप शास्त्री ने अधीर की स्मृति में हवन यज्ञ करवाया गया मंच का संचालन सुभाष तंवर ने किया। बीरेंद्र सिंह ने कहा कि युवाओं को प्रोफेसर परमानंद के बताए आदर्शों पर चलना चाहिए। आज का युवा भी सिस्टम में बदलाव चाहता है। बीरेंद्र सिंह ने इस दौरान प्रोफेसर परमानंद की पुस्तक ‘ताश महल’ का लोकापर्ण भी किया। धर्मपाल तवंर ने बताया कि प्रोफेसर परमानंद ने एक साधारण परिवार में जन्म लेकर शिक्षा राजनीति व साहित्य क्षेत्र में बुलदियों को
छुआ। विकट परिस्थितियों के बावजूद अपने संघर्ष एवं ईमानदार से कैबिनेट मंत्री बने।
उन्होंने बताया कि प्रो. परमानंद 1987 में जींद के विधायक बने व बाद में कैबिनेट मंत्री के पद पर रहे। 1996 में परमानंद सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने के कारण वो अपंग हो गए थे।
उन्होंने अपनी अपंगता को धत्ता बताते हुए लेखनी को हथियार बनाया। इस दौरान उन्होंने 17 पुस्तकें लिखीं। इनमें से 12 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं तथा पांच
पुस्तकें प्रकाशनाधीन हैं। अपनी पुस्तकों के माध्यम से अधीर ने पिछड़ों, दलितों, छोटे किसानों व शोषितों की आवाज को बुलंद किया। उन्होंने अपनी पुस्तकों के माध्यम से शोषित वर्ग की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।
कुम्हार धर्मशाला में आयोजित समारोह को संबोधित करते राज्यसभा सदस्य बीरेंद्र सिंह व मंच पर उपस्थित विधायक रामनिवास घोड़ेला व अन्य।