पूर्व मंत्री सैनी आज पहनेंगे ‘चश्मा’
भास्कर न्यूज - हिसार
पूर्व मंत्री हरिसिंह सैनी फिर से इनेलो का दामन थामेंगे। घोषणा शुक्रवार सुबह साढ़े दस बजे सैनी आवास पर होगी। उनकी पार्षद पुत्रवधु रेखा सैनी ने भी कांग्रेस छोड़ कर इनेलो में शरीक होने का फैसला किया है। इनेलो के वरिष्ठ नेता एवं विधायक अभय सिंह चौटाला उन्हें पार्टी में विधिवत शामिल करेंगे। पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा भी मौजूद रहेंगे।
पूर्व उपप्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल के साथ सक्रिय राजनीतिक का सफर शुरू करने वाले सैनी 1991 में लोकदल छोड़ी थी। 23 साल के लंबे अंतराल बाद उनकी इनेलो में वापसी होगी। इस अवधि में सैनी ने चौधरी भजनलाल और चौधरी बंसीलाल के साथ भी काम किया। वह पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ आ गए थे। दस दिन पहले उन्होंने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर विकास कार्यों और कार्यकर्ताओं की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कांग्रेस छोड़ दी थी। साथ ही यह भी ऐलान किया था कि वह अब हिसार से नहीं बल्कि बरवाला हलके से चुनाव लड़ेंगे। सैनी ने भास्कर संवाददाता को बताया कि वह समर्थकों की सलाह पर इनेलो में शामिल हो रहे हैं। रेखा भी अब इनेलो के लिए कार्य करेगीं। कुछ पूर्व पार्षद भी उनके साथ इनेलो में शामिल होंगे।
इनेलो की बढ़ेगी ताकत
रेखा सैनी के आने से नगर निगम में इनेलो की ताकत बढ़ेगी। जब निगम के चुनाव हुए थे, तो इनेलो के चार पार्षद बने थे। तीन महीने पहले पार्षद राजपाल मांडू ने मेयर शकुंतला राजलीवाला का साथ छोड़कर इनेलो का दामन थाम लिया था। अब रेखा के शामिल होने से बीस सदस्यीय निगम हाउस में इनेलो का आंकड़ा छह हो जाएगा। सूत्रों के अनुसार एक और पार्षद भी इनेलो के संपर्क में है, जो आगामी दिनों में जिंदल हाउस का साथ छोड़ सकता है। पूर्व मंत्री सैनी ने कहा है कि निगम में ताकत को बढ़ाएंगे। काम न होने से पार्षद खफा है।
निगम राजनीति ही खटास की वजह
कांग्रेस से सैनी की दूरी की असली वजह भी नगर निगम की राजनीति ही है। वह अपनी पुत्रवधु रेखा को मेयर बनाना चाहते थे। मगर जिंदल हाउस ने शकुंतला राजलीवाला का नाम आगे बढ़ा दिया था। सैनी कहते हैं कि मुख्यमंत्री ने उन्हें पूरा आश्वासन दिया था कि वह रेखा को मेयर बनवाने में सहयोग करेंगे मगर वह अपने वादे पर खरा नहीं उतरे।
कांग्रेस पर अनदेखी का आरोप लगाया