• Hindi News
  • अमेरिकी दस्ताने बचाएंगे किसान मित्रों की जिंदगी

अमेरिकी दस्ताने बचाएंगे किसान मित्रों की जिंदगी

8 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भास्कर न्यूज -!- करनाल
घरों में छिपे सांपों को पकड़ते वक्त अब डंक मार देने पर खतरा नहीं रहेगा। एक्सपर्ट लोग सुरक्षित ढंग से सांप को पकड़ सकेंगे। इससे न केवल पकडऩे वाले को सुविधा होगी, बल्कि वन्य प्राणी किसान मित्र सांपों के जीवन की भी सुरक्षा होगी। अमेरिका से मंगाए गए दस्तानों से ऐसा संभव होगा। इन दस्तानों को पहनकर जहरीले से जहरीले सांपों को सुरक्षित ढंग से पकड़ा जा सकेगा।
अक्सर घरों में अलमारी के नीचे छिपे, कोने में दुबके और ईंटों के नीचे घूसे सांपों को लोग मारने को दौड़ते हैं। जबकि पकडऩे में माहिर लोग भी इन सांपों को पकडऩे में खतरा महसूस करते हैं। क्योंकि ऐसी स्थिति में यह सांप भी डंक मारे में कामयाब रहते हैं। लेकिन अमेरिका से मंगाए गए खास तरह के दस्तानों को अपने हाथों में पहनकर उन्हें जहरीले सांपों को पकडऩे में खतरा नहीं उठाना पड़ेगा। करनाल के फफड़ाना गांव वासी स्नेक मैन सतीश कुमार फफड़ाना को यह दस्ताने पहनकर सांपों को पकडऩे में खतरे से राहत मिलेगी। भारतीय मुद्रा में इन दस्तानों की कीमत पांच हजार रुपए बनती है।
एक साल में पकड़े 500 सांप
सतीश कुमार फफड़ाना ने बताया कि उन्होंने पिछले एक साल में करीब 500 सांप पकड़े हैं, जबकि अब तक वह 5000 से ज्यादा सांपों को पकड़ चुका है। उन्होंने कहा कि सांप को पकडऩे में प्रति क्षण चौकस रहने की खास जरूर है, जरा सा ध्यान भंग होने पर सांप डंक माने में कामयाब हो सकता है। इसलिए यह दस्ताने खास लाभ देने वाले हैं।
एक साल में मरते हैं एक हजार लोग : सतीश कुमार फफड़ाना ने कहा कि एक अनुमान के अनुसार प्रदेश में एक साल की अवधि में लगभग एक हजार लोग सांप के काटने से मर जाते हैं। अधिकतर मरने वाले में करेंट सांप के डंसे हुए होते हैं, क्योंकि यह सांप बेड पर चढ़ जाता है। अधिकतर कान, मुंह व गर्दन पर काटता है।
देश में सांपों की 52 प्रजातियां जहरीली : देश में 216 प्रकार की प्रजातियों के सांप पाए जाते हैं, जिनमें से जहरीली 52 प्रजातियां हैं। अगर हरियाणा की बात करें तो जहरीली प्रजातियों में कोबरा, करेंट, वाइपर, जलेबिया सांप व कोर्ल सांप है। विश्व में सांपों की 2600 प्रजातियां है, इनमें से 8 प्रतिशत सांप जहरीले हैं। सांपों की तीन श्रेणियां हैं, जिनको विषैला, नीम विषारी व बिना विषारी नाम से जाना जाता है।