बिजली नहीं मिली तो जवान को जड़ा तमाचा
भास्कर न्यूज. करनाल
पश्चिम विक्षोभ ने इस बार मैदानी इलाकों में खासा असर दिखाया है। दो दिनों की अवधि में जिलेभर में करीब 36 एमएम बरसात दर्ज की गई है। बुधवार को दिन में छह व रात को करीब 29 एमएम बरसात हुई । इस दौरान तेज हवाओं के झोकों से गेहूं की फसल भी ढह गई, हालांकि गुरुवार को खिली धूप में फसल उठ गई और किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ। इस बरसात ने गेहूं में एक खाद व पानी का काम किया है। अब फसल का उत्पादन अच्छा होने की संभावना बढ़ गई है। कृषि अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल गेहूं के लिए यही अच्छा है कि मार्च माह तक ठंड कायम रहे।
रात को शहर पानी से लबालब
बुधवार आधी रात तक शहर में हुई बरसात से जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। कई इलाकों में तो आना जाना भी लोगों के लिए दूभर हो गया। दिक्कत तब बढ़ गई जब अचानक अंधेरा छा गया। साढ़े तीन घंटे तक लोगों को यह पता ही नहीं चला कि बरसात कितनी हो गई है, क्योंकि बाहर कुछ दिखाई नहीं दे रहा था।
अब फिर से धुंध की संभावना
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि शुक्रवार को फिर से धुंध भी आ सकती है। यदि रात को आसमान साफ हो गया तो धुंध भी आ सकती है। इससे तापमान में कुछ गिरावट भी हो सकती है।यदि पहाड़ों में बर्फबारी या बरसात का सिलसिला जारी रहा तो इससे मैदानों के तापमान कुछ गिर सकते हैं।
यह रहा तापमान
गुरुवार को अधिकतम तापमान 18.8 व न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।नमी सुबह 100 व दोपहर बाद 72 फीसदी रही। हवा का दबाव सुबह 9.2 व दोपहर बाद 11.7 आंका गया है। हवा की गति औसतन साढ़े पांच किलोमीटर प्रति घंटा रही।