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महिलाओं में कानूनी जानकारी का अभाव

8 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - करनाल
सिटीजंस ग्रीवेंसेज कमेटी की लॉ एंड आर्डर उप समिति की बैठक करनाल क्लब में हुई। इसमें महिलाओं की सुरक्षाओं पर चर्चा की गई। बैठक में पुलिस विभाग से महिला सैल इंचार्ज मंगलेश कुमारी ने मुख्य वक्ता के तौर पर शिरकत की। उन्होंने कहा कि अधिकतर महिलाओं को कानून और अपने अधिकारों की जानकारी नहीं है। जानकारी के अभाव में महिलाएं तुरंत फैसले की उम्मीद रखती है।
उन्होंने कहा कि देखने में आता है कि जब ग्रामीण आंचल की लड़की का विवाह शहर में या शहरी युवती का विवाह ग्रामीण क्षेत्र के लड़के के साथ हो जाता है, तो उन्हें व्यवहारिक रूप में एक दूसरे को समझने में कई परेशानियां आती हैं। उन्होंने कहा कि दहेज का लेन- देन सबसे बड़ा जुर्म है। दहेज को लेकर झगड़ों की शिकायतें अकसर महिला सैल के पास आती रहती हैं। महिलाओं को जागरूक रहने की जरूरत है। जरूरतमंद महिलाओं को सरकार की ओर से निशुल्क संरक्षण और कानूनी सहायता उपलब्ध करवाने का प्रावधान भी है। बस स्टेंड, विद्यालयों व महाविद्यालयों के नजदीक पीसीआर निरंतर रूप से गश्त करती रहती है।
घर पर ही सुनी जाती शिकायत : 18 वर्ष से कम व 65 वर्ष से अधिक आयु के महिला- पुरुष को चौकी -थाने में नहीं बुलाया जाता। बल्कि उनकी शिकायत उनके घर पर जाकर ही सुनी जाती है। युवतियों को आत्मसुरक्षा के गुर भी सीखने चाहिए। बैठक की अध्यक्षता करते हुए सीजीसी चेयरमैन एपीएस चोपड़ा ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए हम सभी को आगे आना चाहिए। नारी का अपमान पूरे समाज का अपमान है।
कार्यक्र में ये रहे मौजूद
प्रधान एडवोकेट लाजपत राय चुचरा, निरूपमा सदर, एसएम कुमार, आरएन चानना, संतोष अत्रेजा, इंदु शर्मा, मणिका चोपड़ा, कीर्ति शर्मा, कुसुम गर्ग, नीना सिंह, हरविंद्र कौर, इंदु लेखा, कैलाश शर्मा, अंजु शर्मा, संदीप मलिक, रीतू गांधी, प्रतिभा बंसल, संदीप लाठर, सीडी पसरीचा,कॉर्डिनेटर रजनीश चोपड़ा सहित अन्य मौजूद रहे।



करनाल. बैठक को संबोधित करती महिला सैल की इंचार्ज मंगलेश कुमारी।