आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें लड़कियां
करनाल - एक मिडिल क्लास परिवार की लड़की, एक हलवाई की पत्नी और एक रुढि़वादी परिवार की बहू के तौर पर विपरीत परिस्थितियों का सामना करते हुए संध्या अब आईपीएस का प्रशिक्षण ले रही है। पुलिस आफिसर बनने का जो सपना उसने अपने पापा के साथ देखा था, वह पूरा होने जा रहा है, इसे लेकर संध्या काफी खुश है। बुधवार को एक संक्षिप्त मुलाकात में संध्या यानी दीपिका सिंह ने लड़कियों को प्रेरित करते हुए कहा कि लड़कियां किसी भी मायने में कम नहीं हैं। वह अपनी जिंदगी को लेकर जो सपने देख रही हैं उसे पूरा करने के लिए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें।
दीया और बाती में संध्या का लीड प्ले कर रही दीपिका ने कहा कि सीरियल यह मैसेज देने में काफी हद तक सफल रहा है। तमाम लोग आज संध्या से प्रेरित होकर अपनी बेटी-बहुओं को आगे बढ़ा रहे हैं। तमाम लड़कियों में संध्या को देखकर आत्मविश्वास मजबूत हुआ। दीपिका सिंह ने कहा कि समाज को बेटियों के प्रति अपना नजरिया बदलने की बात कही। हरियाणा में कन्या भ्रूण हत्या पर उन्होंने कहा कि न सिर्फ हरियाणा बल्कि जहां बल्कि देश में यह गंभीर समस्या है हमारे समाज की कि एक ओर हम आधुनिक होने की बात करते हैं वहीं दूसरी ओर लड़कियों को कमतर मानते हुए बेटियों को कोख में ही मार देते हैं।
संध्या ने लोगो से अपील की कि वह स्वयं अपने घर से ही इसकी पहल करें। यदि सभी लोग अपने स्तर से अपने आसपास भ्रूण हत्या या महिला उत्पीडऩ के विरोध में खड़े होगे तो यकीनन इस समस्या से निपटा जा सकता है। अपनी सास भाबो का जिक्र करते हुए संध्या ने कहा कि कंजर्वेटिव बैक ग्राउंड से होने के बावजूद जिस तरह भाबो ने अपनी सोच बदली है, महिलाओं को चाहिए कि वह बहू-बेटी का फर्क मिटाएं और लड़कियों को फलने-फूलने दें।