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46 स्कूलों पर लटकी मान्यता की तलवार

8 वर्ष पहले
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134 ए नियम को लेकर शिक्षा विभाग सख्त

29 जनवरी तक देनी है 134ए नियम के तहत सीटों की सूचना

सूचना ना देने पर ली जाएगी मान्यता वापस

कुरुक्षेत्र - जिला के विभिन्न प्राइवेट स्कूलों की मान्यता पर शिक्षा विभाग ने तलवार लटका दी है। 134ए के तहत प्राइवेट स्कूलों को 10 प्रतिशत सीटें जरूरतमंद वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित करने की सूचना देने के लिए कहा गया था। इसके बावजूद जिले भर में 46 प्राइवेट स्कूल ऐसे हैं, जिन्होंने तय समय में यह सूचना उपलब्ध ही नहीं कराई। गौरतलब है कि हाईकोर्ट के निर्देशानुसार सभी प्राइवेट स्कूलों से यह सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे। ऐसे में अब इस सूचना पाने के लिए शिक्षा विभाग ने सख्त रवैया अपनाया है, जिसके चलते सभी स्कूलों को 29 जनवरी तक जानकारी देने का अंतिम अल्टीमेटम दिया गया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि स्कूल संचालक जानकारी उपलब्ध कराते हैं या फिर विभाग अपनी कार्रवाई अमल में लाएगा।

ये हैं स्कूल

बाबैन खंड में चार स्कूल, लाडवा खंड में चार स्कूल, पिहोवा खंड में नौ स्कूल, शाहाबाद खंड में नौ स्कूल और थानेसर खंड में 20 स्कूल शामिल हैं। इन स्कूलों में थानेसर के विजडम वल्र्ड स्कूल, डीएवी पब्लिक स्कूल महाराणा प्रताप पब्लिक स्कूल, युवा शक्ति स्कूल, केसरी देवी लोहिया स्कूल, केयू सीनियर मॉडल स्कूल, कन्या गुरुकुल बचगांव गामड़ी, अग्रसेन स्कूल, ग्रीनफील्ड स्कूल, महावीर जैन स्कूल, विश्वकर्मा स्कूल, सनातन धर्म स्कूल, गीता निकेतन, गुरुनानक विद्या मंदिर बगथला, मदर टेरेसा स्कूल, एसएमबी गीता प्राइमरी स्कूल, आनंद पब्लिक स्कूल और ज्ञानदीप स्कूल शामिल हैं।

यह है 134ए नियम

प्रदेश सरकार ने 134ए नियम के तहत प्राइवेट स्कूलों को कुल सीटों की 10 प्रतिशत सीटें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित करने का निर्देश दिया था, जिसके खिलाफ प्राइवेट स्कूलों ने प्रदेश स्तर पर इसका विरोध भी किया था। इस मामले में प्राइवेट स्कूलों को दाखिला ना देने की शिकायतों के चलते मामले में जनहित याचिका दायर की गई थी। इसके बाद पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग को सभी प्राइवेट स्कूलों में 134ए नियम के तहत दाखिलों की सूचना देने के निर्देश दिए थे, जिसके चलते शिक्षा विभाग ने नोटिस जारी कर अपनी वेबसाइट पर सूचना मांगी थी। इसके बावजूद इस मामले में कई प्राइवेट स्कूलों ने सूचना ही उपलब्ध नहीं कराई। अब विभाग ने फाइनल नोटिस निकाला है।

गरीब बच्चे भी पढ़ सकते हैं प्राइवेट में

सर्व समाज कल्याण सेवा समिति के प्रदेशाध्यक्ष रामेश्वर सैनी ने कहा कि इस नियम के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थी भी प्राइवेट स्कूलों में पढ़ सकते हैं। लिहाजा इस नियम का सख्ती से पालन कराना चाहिए, ताकि इसका पूरा लाभ विद्यार्थियों को मिल सके। सैनी ने कहा कि वर्तमान में मध्यम वर्गीय व्यक्ति को भी प्राइवेट स्कूलों के महंगे खर्च के चलते बहुत परेशानी उठानी पड़ती है।

मान्यता होगी वापस

134ए नियम के तहत जरूरतमंद वर्ग के विद्यार्थियों की दाखिला संबंधी सूचना को 29 जनवरी तक ना देने पर सभी 46 प्राइवेट स्कूलों से मान्यता वापस ली जा सकती है। जिला शिक्षा अधिकारी सुनीता देवी ने कहा कि शिक्षा विभाग इस सूचना को प्राप्त करने के लिए पूरी तरह से गंभीर है। अंतिम बार सभी स्कूलों को चेतावनी देने के लिए नोटिस निकाला गया है। इसके बाद भी अगर सूचना नहीं मिलती तो विभाग सख्त कदम उठाएगा। इन 46 स्कूलों की लिस्ट में जिले के कई प्रमुख स्कूलों के नाम शामिल हैं, जिनमें वर्तमान समय में करीब 30 हजार विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। ऐसे में अगर इन स्कूलों पर कार्रवाई होती है तो इन सभी विद्यार्थियों को अगले सत्र में दूसरे स्कूल में दाखिला लेना पड़ेगा।













मान्यता होगी वापस

134ए नियम के तहत जरूरतमंद वर्ग के विद्यार्थियों की दाखिला संबंधी सूचना को 29 जनवरी तक ना देने पर सभी 46 प्राइवेट स्कूलों से मान्यता वापस ली जा सकती है। जिला शिक्षा अधिकारी सुनीता देवी ने कहा कि शिक्षा विभाग इस सूचना को प्राप्त करने के लिए पूरी तरह से गंभीर है। अंतिम बार सभी स्कूलों को चेतावनी देने के लिए नोटिस निकाला गया है। इसके बाद भी अगर सूचना नहीं मिलती तो विभाग सख्त कदम उठाएगा। इन 46 स्कूलों की लिस्ट में जिले के कई प्रमुख स्कूलों के नाम शामिल हैं, जिनमें वर्तमान समय में करीब 30 हजार विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। ऐसे में अगर इन स्कूलों पर कार्रवाई होती है तो इन सभी विद्यार्थियों को अगले सत्र में दूसरे स्कूल में दाखिला लेना पड़ेगा।

134 ए नियम को लेकर शिक्षा विभाग सख्त

- 29 जनवरी तक देनी है 134 ए नियम के तहत सीटों की सूचना

कुरुक्षेत्र - जिला के विभिन्न प्राइवेट स्कूलों की मान्यता पर शिक्षा विभाग ने तलवार लटका दी है। 134ए के तहत प्राइवेट स्कूलों को 10 प्रतिशत सीटें जरूरतमंद वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित करने की सूचना देने के लिए कहा गया था।

इसके बावजूद जिलेभर में 46 प्राइवेट स्कूल ऐसे हैं, जिन्होंने तय समय में यह सूचना उपलब्ध ही नहीं कराई। गौरतलब है कि हाईकोर्ट के निर्देशानुसार सभी प्राइवेट स्कूलों से यह सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे। ऐसे में अब इस सूचना पाने के लिए शिक्षा विभाग ने सख्त रवैया अपनाया है, जिसके चलते सभी स्कूलों को 29 जनवरी तक जानकारी देने का अंतिम अल्टीमेटम दिया गया है।

गरीब बच्चे भी पढ़ सकते हैं प्राइवेट में : सर्व समाज कल्याण सेवा समिति के प्रदेशाध्यक्ष रामेश्वर सैनी ने कहा कि इस नियम के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थी भी प्राइवेट स्कूलों में पढ़ सकते हैं। लिहाजा इस नियम का सख्ती से पालन कराना चाहिए, ताकि इसका पूरा लाभ विद्यार्थियों को मिल सके। सैनी ने कहा कि वर्तमान में मध्यम वर्गीय व्यक्ति को भी प्राइवेट स्कूलों के महंगे खर्च के चलते बहुत परेशानी उठानी पड़ती है।

यह है 134 ए नियम







प्रदेश सरकार ने 134ए नियम के तहत प्राइवेट स्कूलों को कुल सीटों की 10 प्रतिशत सीटें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित करने का निर्देश दिया था, जिसके खिलाफ प्राइवेट स्कूलों ने प्रदेश स्तर पर इसका विरोध भी किया था। इस मामले में प्राइवेट स्कूलों को दाखिला ना देने की शिकायतों के चलते मामले में जनहित याचिका दायर की गई थी। इसके बाद पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग को सभी प्राइवेट स्कूलों में 134ए नियम के तहत दाखिलों की सूचना देने के निर्देश दिए थे, जिसके चलते शिक्षा विभाग ने नोटिस जारी कर अपनी वेबसाइट पर सूचना मांगी थी।

ये हैं स्कूल







बाबैन खंड में चार स्कूल, लाडवा खंड में चार स्कूल, पिहोवा खंड में नौ स्कूल, शाहाबाद खंड में नौ स्कूल और थानेसर खंड में 20 स्कूल शामिल हैं। इन स्कूलों में थानेसर के विजडम वल्र्ड स्कूल, डीएवी पब्लिक स्कूल महाराणा प्रताप पब्लिक स्कूल, युवा शक्ति स्कूल, केसरी देवी लोहिया स्कूल, केयू सीनियर मॉडल स्कूल, कन्या गुरुकुल बचगांव गामड़ी, अग्रसेन स्कूल, ग्रीनफील्ड स्कूल, महावीर जैन स्कूल, विश्वकर्मा स्कूल, सनातन धर्म स्कूल, गीता निकेतन, गुरुनानक विद्या मंदिर बगथला, मदर टेरेसा स्कूल, एसएमबी गीता प्राइमरी स्कूल, आनंद पब्लिक स्कूल और ज्ञानदीप स्कूल शामिल हैं।