‘पन्नों पर छपी पुस्तकों का अपना महत्व’
भास्कर न्यूज - कुरुक्षेत्र
कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के जवाहर लाल नेहरु पुस्तकालय में मंगलवार को ३ दिवसीय पुस्तक प्रदर्शनी शुरू हुई। प्रदर्शनी का उद्घाटन केयू वीसी डॉ. डीडीएस संधू ने किया। डॉ. संधू ने कहा कि ज्ञान संप्रेषण के युग में पुस्तकें एक महत्वपूर्ण स्थान रखती हैं। भले ही किताबें इंटरनेट एवं नए साधनों द्वारा ऑनलाइन भी उपलब्ध हैं, लेकिन पन्नों पर छपी पुस्तकों का अपना महत्व है।
उन्होंने कहा कि इस प्रदर्शनी से विभिन्न विभागों में कार्यरत शिक्षकों, शोधकर्ताओं एवं विद्यार्थियों और विशेष रुचि रखने वालों को एक स्थान पर कई विषयों की पुस्तकें प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। पुस्तकालय के अध्यक्ष डॉ. डीवी सिंह ने बताया कि इस प्रदर्शनी में ६० प्रकाशकों एवं विक्रेताओं ने स्टाल लगाए हैं। यह प्रदर्शनी ३ दिन तक सुबह नौ से रात आठ बजे तक खुली रहेगी। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनी में केयू से संबंधित कॉलेजों एवं अन्य यूनिवर्सिटी से भी शिक्षकों को आमंत्रित किया गया है। डॉ. सिंह ने बताया कि विद्यार्थियों में पुस्तकें देखने व खरीदने के प्रति उत्साह देखने को मिला। इस अवसर पर पूर्व रजिस्ट्रार प्रो. राघवेंद्र तंवर, प्रो. गिरीश चोपड़ा, प्रो. अनिल वोहरा, डॉ. सुभाष, प्रो. एससी डावर, प्रो. बृजेश साहनी, प्रो. आशू शौकीन, प्रो. आरएस यादव, प्रो. श्याम कुमार, प्रो. संजीव अग्रवाल, प्रो. एमएस यादव, प्रो. राम निवास, प्रो. प्रदीप कुमार, डॉ. एसएस रहल, प्रो. दिनेश गुप्ता, प्रो. मनोज जोशी, डॉ. संजीव शर्मा, डॉ. कुसुम लता और डॉ. पुष्पा रानी उपस्थित थे।
कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के जवाहर लाल नेहरू पुस्तकालय में तीन दिवसीय पुस्तक प्रदर्शनी शुरू
े पुस्तक मेले का अवलोकन करते वीसी डॉ. डीडीएस संधू व अन्य।
कुरुक्षेत्र - केयू लाइब्रेरी में लगे पुस्तक मेले में पुस्तकें देखते विद्यार्थी।