‘देश में शिक्षा का स्तर गिरा’
भास्कर न्यूज - कुरुक्षेत्र
डीएन कॉलेज में उच्चतर शिक्षा विभाग के तत्वावधान में बुधवार को अंग्रेजी विभाग की ओर से दो दिवसीय सेमिनार आयोजित किया गया। संगोष्ठी का मुख्य विषय प्रॉब्लम ऑफ टीचिंग इंग्लिश- सेमी अर्बन एंड रूरल एरिया रहा।
पहले दिन ईएफएल यूनिवर्सिटी हैदराबाद के पूर्व वीसी प्रो. अभय मोर्य मुख्यातिथि थे। अंग्रेजी विभाग की अध्यक्षा मंजू ढुल ने संगोष्ठी के विषय के बारे में बताया। प्रो. केके कथूरिया ने मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में अंग्रेजी भाषा के प्राध्यापन में गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसके कई कारण हैं। ऐसे में अंग्रेजी भाषा के शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों को प्रोत्साहन देना जरूरी है। कॉलेज की प्रबंध समिति के प्रधान डॉ. रामप्रकाश ने कहा कि शिक्षा के गिरते स्तर के लिए काफी हद तक शिक्षक वर्ग भी उत्तरदायी है। पूरे देश का शैक्षणिक स्तर काफी गिर चुका है। भारत की कोई भी यूनिवर्सिटी विश्व की प्रथम 100 यूनिवर्सिटी में अपनी जगह नहीं बना पाई। शिक्षा के स्तर को उठाने के लिए एक संघर्ष से शुरूआत करनी होगी। यह जिम्मेदारी शिक्षकों की ही है। प्रो. अभय मौर्य ने प्रदेश में अंग्रेजी भाषा की स्थिति के बारे में कहा कि हरियाणा अंग्रेजी भाषा की दृष्टि से एक पिछड़ा क्षेत्र है।
अर्बन क्षेत्रों में अंग्रेजी भाषा की स्थिति कुछ हद तक ठीक है। अंग्रेजी भाषा की समस्याओं के निवारण के लिए कोई सिद्धांत नहीं है। कुछ व्यवहारिक कार्यों के माध्यम से इन समस्याओं को सुलझाया जा सकता है। स्वागत सत्र के अंत में अंग्रेजी विभाग की अध्यक्षा मंजू ढुल ने मुख्यातिथि का आभार जताया। मुख्य वक्ता पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला के प्रवासी शिक्षा की निदेशक प्रो. तेजिंद्र कौर ने अंग्रेजी भाषा के बारे में अपने विचार रखे। कॉलेज की प्राचार्या डॉ. विजयलक्ष्मी सिंह ने कहा कि भविष्य में भी इस तरह के सेमिनार का आयोजन किया जाएगा।
डीएन कॉलेज में उच्चतर शिक्षा विभाग के तत्वावधान में दो दिवसीय सेमिनार