- Hindi News
- फॉर डी ! प्रदेश में 213 मोबाइल हेल्थ टीमें स्कूलों में जुटी बच्चों की जांच में
फॉर डी-!- प्रदेश में 213 मोबाइल हेल्थ टीमें स्कूलों में जुटी बच्चों की जांच में
कुरुक्षेत्र - आज के बच्चे देश का भविष्य हैं। यह भविष्य सेहतमंद हो, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग स्कूलों और आंगनवाडिय़ों में पहुंच बीमार बच्चों को ढूंढेगा। न केवल उन्हें ढूंढा जाएगा, बल्कि उनका इलाज भी होगा। जब तक वह स्वस्थ नहीं होता, तब तक स्वास्थ्य विभाग उस पर पूरी नजर रखेगा। इसके लिए प्रदेशभर में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य मिशन के तहत कवायद शुरू की है। ऐसी ही एक कवायद पहले हुई थी, जिसमें एनीमिया पीडि़त बच्चों को आयरन टेबलेट खिलाई गई थी। अब प्रदेशभर में 213 मोबाइल हेल्थ टीम, एमएचटी का गठन किया गया है।
ये टीमें जहां बीमार बच्चों की सेहत पर नजर रखेंगी, वहीं इन टीमों पर भी विभाग की नजर रहेगी। जो बच्चा बीमार मिलेगा, उसे सीएचसी व पीएचसी में इलाज के लिए भेजा जाएगा। इसके लिए सिविल अस्पताल में डिस्ट्रिक्ट अर्लियर इंटरवेंशन सेंटर ((डीईआईसी)) बनाई जाएंगी। यह खुलासा किया राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के महानिदेशक डॉ. राकेश गुप्ता ने। डॉ. गुप्ता बुधवार को एलएनजेपी के निरीक्षण पर पहुंचे थे।
ऑनलाइन होगा बच्चों का डाटा
डॉ. गुप्ता ने बताया कि प्रदेश के सभी प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में इलाज कराने वाले सभी बच्चों का डाटा ऑनलाइन किया जाएगा। इस आंकड़े से प्रदेश के किसी भी कोने में बच्चों की बीमारियों का पता लगाकर अच्छी चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने में मदद मिलेगी।
विभाग खुद कराएगा इलाज
इस डाटा को लेकर मुख्यालय में भी पूरा होमवर्क किया जाएगा। जो बच्चे बीमारियों से पीडि़त मिलेंगे, उन्हें सीएचसी, पीएचसी व सिविल अस्पताल रैफर किया जाएगा। जिले में नौ एमएचटी में 16 डॉक्टर, आठ एएनएम व आठ फार्मासिस्ट शामिल किए गए हैं। पीडि़त बच्चों का निशुल्क इलाज स्वास्थ्य विभाग ही कराएगा।
अस्पताल में बनेगा डीआईईसी
बीमार बच्चों के लिए एलएनजेपी अस्पताल में डिस्ट्रिक्ट अर्लियर इंटरवेंशन सेंटर ((डीईआईसी)) बनाया जाएगा। इसके लिए 24 लाख रुपए का बजट भी मंजूर हो चुका है। इसके अलावा निक्कू व स्पेशल न्यू बोर्नकेयर यूनिट पहले से ही बन चुकी हैं। जहां नवजात की बीमारियों का इलाज होगा। डीआईईसी में अलग से डॉक्टर व स्टॉफ होगा।
बच्चों के स्वास्थ्य की जांच करने, बीमारियों का पता लगाने के लिए प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग द्वारा 213 मोबाइल हेल्थ टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें सभी स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में जाकर बच्चों के स्वास्थ्य की जांच कर आंकड़े एकत्रित करेंगे। बच्चों का प्राथमिक स्तर पर बीमारी का पता लगाकर इलाज कराया जाएगा। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत प्राथमिक स्तर पर बच्चों के स्वास्थ्य की जांच करने, बीमारियों का पता लगाने, बच्चों का सामुदायिक व प्राथमिक चिकित्सा केंद्रों में इलाज कराने, बीमार बच्चों के अभिभावकों को जागरूक करने और उनका लगातार फोलो-अप करने के लिए 213 एमएचटी तैयार की हैं। जिले में ऐसी 9 टीमें बनाई हैं।
एलएनजेपी में स्पेशल न्यू बोर्न चाइल्ड केयर यूनिट का अवलोकन करते राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के महानिदेशक डॉ. राकेश गुप्ता।
हर स्कूल पहुंचेगी एमएचटी
हफ्ते में 5 दिन जांच, छठे दिन इलाज