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डाउनलोड करेंकुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में लगी ३ दिवसीय पुस्तक प्रदर्शनी में केयू के ६० विभागों के लिए इस बार ८० लाख रुपए की पुस्तकें खरीदी जाएंगी। यूजीसी की ओर से आई ग्रांट की पुस्तकें खरीदने के लिए केयू लाइब्रेरी प्रशासन ने सभी विभागों को ग्रांट भी बांट दी है, ताकि सभी विभागों के शिक्षक अपनी ग्रांट के बजट के अनुसार पुस्तकों को खरीदने के लिए पसंद कर सकें।
हालांकि कई शिक्षक इस बजट को बहुत कम बता रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि कई शोध पुस्तकें विदेशी लेखकों की होने के कारण काफी महंगी हैं, जिससे उनकी ग्रांट कुछ ही पुस्तकों में खत्म हो जाएगी। शिक्षकों ने कहा कि लाइब्रेरी किसी भी यूनिवर्सिटी की आत्मा होती है, जितनी बेहतर लाइब्रेरी होगी, उसमें शोध और शिक्षा का स्तर भी उतना ही बेहतर होगा। इसलिए पुस्तकों के लिए अधिक ग्रांट मिलनी चाहिए।
रुटीन में मिले पैसा
केयू के हिंदी विभाग के शिक्षक डॉ. सुभाष ने कहा कि पुस्तकों के लिए बजट रूटीन में मिलना चाहिए। इस बार तो यूजीसी की ओर से बजट मुहैया कराया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार और यूनिवर्सिटी प्रशासन को भी इसी तरह हर साल पुस्तकों के लिए बजट अलॉट करना चाहिए। इससे नई पुस्तकें विद्यार्थियों में नई सोच भी पैदा करेंगी।
इतना बजट कम है
केयू की जवाहर लाल नेहरु यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष डॉ. डीवी सिंह ने माना कि पुस्तक खरीदने के लिए बजट काफी कम है। उनका प्रयास रहेगा कि बजट को बढ़वाया जाए। वर्तमान में बेहतरीन पुस्तकें काफी महंगी हैं। ऐसे में बजट की कमी के कारण दिक्कत है। उन्होंने कहा कि लाइब्रेरी अपने स्तर पर भी पुस्तकें खरीदेगी, ताकि विद्यार्थियों को पुस्तकों से अधिक ज्ञान मिल सके। इसके लिए यूजीसी से भविष्य में भी इसी तरह की ग्रांट लाई जाएगी।
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