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२४ घंटे में बिजली-पानी बहाल करने का दावा
भास्कर न्यूज - नारनौल
हरियाणा कर्मचारी तालमेल कमेटी के आह्वान पर हड़ताल कर रहे विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने हड़ताल के तीसरे दिन यानी करीब ६५ घंटे बाद काम पर लौटने की घोषणा कर दी। इस दौरान बिजली-पानी की समस्या से बिगड़े हालात में सुधार की उम्मीद से जनता ने राहत की सांस ली है। वहीं, विभागीय अधिकारियों का दावा है कि गुरुवार रात को बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी, जबकि पानी सप्लाई बिजली आपूर्ति के २४ घंटे के भीतर फिर से सुचारू कर दी जाएगी।
इससे पहले, हरियाणा कर्मचारी तालमेल कमेटी के आह्वान पर तीसरे दिन जिले का प्रशासनिक सिस्टम पूरी तरह ठप रहा। बिजली-पानी और नहर की आपूर्ति रुकी रही। प्रशासन ने 6 कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज करते हुए बुधवार मध्यरात्रि दो कर्मचारियों को गिरफ्तार कर हड़ताल के प्रभाव को कम करने का प्रयास किया, लेकिन अपने साथियों की गिरफ्तारी की जानकारी मिलने से हड़ताली और भी भड़क उठे। दो हजार से अधिक कर्मचारियों ने शाम चार बजे से साढ़े पांच बजे तक लघु सचिवालय में घेराबंदी की। उनकी मांग थी कि गिरफ्तार कर्मचारी रिहा किए जाए या उन्हें भी गिरफ्तार किया जाए। एक बारगी तो मामला इतना गरमा गया कि प्रशासन ने भारी संख्या में पुलिसबल लघु सचिवालय मंगवा लिया। हरियाणा रोडवेज की बसों का भी इंतजाम किया गया, ताकि जरूरत पडऩे पर उसमें भर कर कर्मचारियों को जेल भेजा जा सके। किंतु मामला किसी तरह टल गया। कर्मचारी नेताओं ने अब 15 दिनों बाद तालमेल कमेटी के फैसले अनुरूप आगामी कार्रवाई करने का ऐलान करते हुए हड़ताल समाप्त करने की घोषणा की।
लघु सचिवालय में तालमेल कमेटी के धरने को संबोधित करते हुए बिजली निगम के किरोड़ीमल सैनी ने कहा कि कर्मचारी जनता को परेशान नहीं करना चाहते। 72 घंटे की इस हड़ताल से लोगों को जो तकलीफ हुई है, उसका कारण सरकार की वायदा खिलाफी और हठधर्मिता है। दिनभर चले इस धरने को बाबूलाल यादव, राजपाल यादव, रोहताश गोठवाल, कन्हैयालाल, महेंद्र यादव, महेंद्र सिंह बोयत, महेंद्र संगेलिया, करतार जैदिया, रतिराम, महावीर प्रसाद समेत अनेक कर्मचारी नेताओं ने संबोधित किया।
दोपहर को निकाला जुलूस
सीआईटीयू के बैनर तले चितवन वाटिका में एकत्र होकर विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने शहर में प्रदर्शन किया। शहर के विभिन्न हिस्सों से होते हुए यह प्रदर्शन लघु सचिवालय पहुंचा, जहां पहले से ही धरने पर बैठे विभिन्न विभागों के हड़ताली कर्मचारियों ने इनके सुर में सुर मिलाते हुए सरकार के खिलाफ नारे बुलंद किए।