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अंग्रेजी की बुक देखते ही सकपका गए गुरुजी
भास्कर न्यूज - नारनौल/ नांगल चौधरी
प्राइमरी स्कूलों के छात्रों का अंग्रेजी ज्ञान बढ़ाने के लिए शुरू की गई योजना के तहत शिक्षकों के लिए लगाए एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में अजब हालात हो गए। शिविर में ट्रेनर ने शिक्षकों को पढ़ाने के तरीके सिखाने के लिए जैसे ही अंग्रेजी की बुक थमाई तो कई गुरुजी सकपका गए। कई अध्यापक शब्दों का शुद्ध उच्चारण करने में असमर्थ रहे। कुछेक अध्यापक प्रशिक्षण शिविर से अधिक मोबाइल वार्तालाप में व्यस्त रहे। इससे विभाग की अंग्रेजी ज्ञान बढ़ाने के दिशा-निर्देश बेअसर साबित हुए हैं।
प्राइमरी स्कूल के बच्चों को भले ही हिन्दी का पूर्ण ज्ञान नहीं हो, लेकिन अंग्रेजी विषय में उन्हें पारंगत बनाने की योजना बनाई गई है। विभागीय सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक अंग्रेजी विषय में कमजोर बच्चों के अध्यापकों को एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया है। दो महीने बाद उनके स्कूलों में बच्चों का अंग्रेजी लेवल टेस्ट होगा। टेस्ट में सकारात्मक परिणाम नहीं मिलने पर शिक्षकों की परफॉर्मेंस रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपी जाएगी।
गौरतलब है कि विभाग द्वारा नांगल चौधरी समेत 10 ब्लॉकों की प्राइमरी स्कूलों में अंग्रेजी लेवल टेस्ट लिया गया, जिसमें हजारों बच्चों को डी-लेवल मिला है। इन्हें इंग्लिश बोलने की सामान्य जानकारी नहीं है। इसमें शिक्षकों के पढ़ाने की कार्यशैली को दोषी माना गया।
अब एससीईआरटी की ओर से अंग्रेजी में फिसड्डी 40 स्कूलों के 51 शिक्षकों को एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया है। इस दौरान ट्रेनर राजेश यादव व सुरेश कुमार ने बताया कि छोटे बच्चों को वस्तुओं की ओर संकेत कर अंग्रेजी पढ़ाना अनिवार्य है। इससे बच्चों का हिंदी एवं इंग्लिश ज्ञान मजबूत होता है। ग्रामीण स्कूलों के विद्यार्थी अंग्रेजी भाषा से डरते हैं। वे अधिकांश अंग्रेजी शब्दों का आपसी बोलचाल में उपयोग करते हैं, किंतु धारा प्रवाह बोलने के लिए सेंटेंस सीखने होंगे।
ये हैं टेस्ट के मापदंड : विभाग ने पहली से पांचवीं कक्षा तक टेस्ट के अलग-अलग मापदंड निर्धारित किए हैं। पहली कक्षा के छात्रों से शारीरिक अंग, अल्फाबेट शब्द, पॉयम सुनाने के अलावा अंग्रेजी के सम्मान सूचक शब्द पूछने होंगे। दूसरी कक्षा के विद्यार्थियों से पहचान, ग्रीटिंग वर्ड, अंगों के नाम अंग्रेजी में लिखवाने होंगे। तीसरी कक्षा के टेस्ट में स्कूल संबंधित शब्द व दैनिक उपयोगी वस्तुओं की अंग्रेजी बनवाने निर्देश हैं। चौथी और पांचवीं के विद्यार्थियों को सेंटेंस के अलावा पैराग्राफ से उत्तर छांटने का ज्ञान अनिवार्य है ।
निर्देशों की पालना करें अध्यापक
बीईओ ब्रिजेश कुमार ने बताया कि बच्चों का अंग्रेजी ज्ञान बढ़ाने के लिए प्राइमरी स्कूलों में टेस्ट लिया गया है, जिसमें सैकड़ों बच्चों को डी-लेवल मिला है। उनके अध्यापकों को एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया है। उन्होंने शिक्षकों को ट्रेनरों के दिशा-निर्देशानुसार पढ़ाने की हिदायत दी। दोबारा टेस्ट के दौरान सकारात्मक परिणाम नहीं मिलने पर आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।