पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • प्यार में अंधी ‘मां’ ने 14 साल के बेटे को ट्रक से धकेला, सुरक्षित

प्यार में अंधी ‘मां’ ने 14 साल के बेटे को ट्रक से धकेला, सुरक्षित

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
सतीश यादव - नारनौल
नाम अमन। जिंदगी में 14 साल की उम्र में ही उथल-पुथल मच गई। ट्रक चालक के प्यार में अंधी मां ‘किरण’ ने अमन को चलते ट्रक से शायद ये सोचकर फेंक दिया कि उसके मरने के बाद उसके प्यार के रास्ते में बाधा नहीं रह जाएगी। किस्मत से ईश्वर ने अमन को जिंदगी बख्शी तो वह सुरक्षित हाथों में पहुंच गया, जहां उसके उज्जवल भविष्य के रास्ते तलाशे जा रहे हैं।
अमन की जिंदगी में अंधेरे की आहट तो दो साल पहले पिता मुकेश की मौत के साथ ही आ गई थी। तीन साल पहले मुकेश अपनी पत्नी किरण व बेटे अमन के साथ अमृतसर से दिल्ली आया। उत्तम नगर में किराए के मकान में रहते हुए और ऑटो के सहारे परिवार का पेट पालने लगा। बतौर अमन दो साल पहले पालम में सड़क दुर्घटना में मुकेश की मौत हो गई। मुकेश के घर रमजान नामक व्यक्ति का आना जाना पहले से अधिक बढ़ गया। किरण व रमजान को घर में अमन की उपस्थिति असहनीय होने लगी। इसके चलते अमन को यातनाओं का दौर शुरू हो गया। दो रोज पूर्व रमजान और किरण घर का सारा सामान ट्रक में डालकर अमन को यह कहकर साथ ले आए कि घूमने जा रहे हैं। पौ फटने से पहले ही ‘किरण’ ने ट्रक से धक्का देकर अमन की जिंदगी में अंधेरा करना चाहा। लेकिन किस्मत से अमन कच्चे में जा गिरा और बच गया। वाकया, सुबह साढ़े पांच बजे निजामपुर के समीप सरेली गांव के पास सुनसान इलाके का है। निजामपुर रेलवे स्टेशन के पास सुनील सोनी को आपबीती सुनाई तो सुनील ने हौसला दिया। सुनील ने निजामपुर चौकी पुलिस को सूचना दी और अमन को अपने पास रखने का आग्रह किया।
चौकी प्रभारी नवल किशोर अमन को पुलिस स्टेशन ले आए और पूछताछ के बाद मंगलवार दोपहर उसे जिला बाल कल्याण संरक्षण समिति के सम्मुख पेश किया। हुडा सेक्टर स्थित कार्यालय में चेयरपर्सन मंजू कौशिक के समक्ष अमन ने सुनील सोनी निजामपुर के यहां रहने की इच्छा जताई। समिति ने उसे पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पुलिस उसको सुनील के पास छोड़ेगी। जिला बाल संरक्षण अधिकारी संदीप ने बताया कि वे मौके पर जाकर हालातों का जायजा लेते रहेंगे। अगर अमन संतुष्ट होगा तो उसे वहां रहने दिया जाएगा, नहीं तो बाल संरक्षण गृह भेज दिया जाएगा।