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आधार कार्ड पर ही मिलेगा राशन, ३५\' के नहीं बने

7 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - नारनौल
राज्य सरकार ने लोगों को भरपेट दाल-रोटी देने की घोषणा तो कर दी, लेकिन इस निवाले पर नियमों की ऐसी फांस लगा दी कि लोगों तक राशन पहुंच नहीं पाया है। पहले समय पर राशन सप्लाई नहीं हुआ, अब डिपो पर राशन आ गया तो आधार कार्ड से ही इसके बांटे जाने का नियम आड़े आ गया है। इससे दुकानदार भी परेशान हैं और वे उपभोक्ता भी, जिन्हें इस दाल-रोटी योजना का लाभ मिलना था।
केंद्र सरकार की फूड सिक्योरिटी योजना, प्रदेश में अफसरशाही की चपेट में आकर अटक गई है। गरीबों को पिछले तीन महीने से दाल नहीं मिली है। जानकारी के मुताबिक, जिले में 49363 उपभोक्ता अन्तोदय व बीपीएल श्रेणी में आते हैं। राज्य सरकार ने खाद्य सुरक्षा के तहत प्रतिमाह दो रुपए किलो के भाव 35 किलो गेहूं और ढाई किलो दाल 20 रुपए प्रतिकिलो के भाव देने का ऐलान किया था। 20 जुलाई को योजना शुरू की गई। शुरुआती दो माह तो लोगों को राशन मिला, लेकिन उसके बाद से अब तक नहीं मिल पाया है।
दैनिक भास्कर की पड़ताल की सामने आया कि अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर माह की बकाया दाल राशन की दुकानों तक देरी से पहुंची। हालांकि जिला प्रशासन ने जनवरी माह के शुरू में ही यह सामग्री डिपो तक पहुंचने का दावा कर दिया था, लेकिन यह महीने के मध्य के बाद ही सप्लाई होनी शुरू हुई। शहर के 35 और गांवों के 271 राशन डिपो के माध्यम से 49363 उपभोक्ताओं के घरों तक जब राशन पहुंचने की बारी आई तो चंडीगढ़ से नया फरमान जारी हो गया कि जिन बीपीएल उपभोक्ताओं के पास आधार कार्ड है, यह राशन केवल उन्हें ही दिया जाए। दूसरी तरफ राशन उपभोक्ताओं का कहना है कि अभी तक उनके डिपो पर यह सामान नहीं पहुंचा है।
बढ़ाई अंतिम तिथि, फिर भी ६५ प्रतिशत के बने आधार
जिले में आधार कार्ड बनाने के लिए अंतिम तिथि 30 सितंबर निर्धारित की गई। लेकिन समय सीमा समाप्त होने तक 60 प्रतिशत काम भी पूरा नहीं हुआ तो इसे बढ़ाकर 31 दिसंबर कर दिया गया। हालात ये हैं कि जिले की कुल आबादी के 65 प्रतिशत लोगों के ही आधार कार्ड बने हैं। इनमें सबसे बड़ा तबका भी वही है, जो गांवों में रहता है और कम शिक्षित है। दूसरा, जिन उपभोक्ताओं ने आधार कार्ड बनवाने के लिए आवेदन किया, उनके कार्ड आज तक घर नहीं पहुंचे हैं।




॥पिछले सप्ताह चंडीगढ़ मुख्यालय से यह निर्देश प्राप्त हुए हैं कि बिना आधार कार्ड ऐसा राशन वितरित न किया जाए। हमारी कोशिश है कि जिन बीपीएल और अन्तोदय उपभोक्ताओं ने आधार कार्ड बनवाने के लिए पंजीकरण करवा दिया है, पंजीकरण के आधार पर भी उन्हें यह सामग्री वितरित कर दी जाए।

बीएस दून, डीएफएससी, नारनौल।

भास्कर पड़ताल

जिले में कुल उपभोक्ता 49363

राशन की दुकानें शहर में 35

गांवों में 271

जिले की कुल जनसंख्या 922088

आधार कार्ड पंजीकरण 610000

आधार कार्ड बने 574832

नारनौल शहर की जनसंख्या 74581

आधार कार्ड पंजीकरण 65000

आधार कार्ड बने 55232