घोषणाएं लागू कराने को सीटू ने दिया धरना
जींद - मुख्यमंत्री द्वारा गोहाना रैली में 10 नवंबर को की गई घोषणाओं को लागू करवाने की मांग को लेकर सेंट्रल इंडियन ट्रेड यूनियन ((सीटू)) ने बुधवार को लघु सचिवालय के बाहर दो दिवसीय धरना शुरू किया है। इस दौरान मजदूरों की सामाजिक सुरक्षा व न्यूनतम वेतन दिलाने की मांग उठाई गई। कामरेड रमेशचंद्र ने कहा कि मुख्यमंत्री ने राज्य में 8100 रुपए वेतन की घोषणा तो की थी, लेकिन बड़े-बड़े उद्योगपतियों ने इसे लागू नहीं किया है। न्यूनतम मजदूरी को केवल सरकारी विभागों में लागू करने की बात कही जा रही है। राज्य में 10 लाख औद्योगिक मजदूरों के अलावा मनरेगा मजदूरों के साथ भी धोखा है। जिले में मनरेगा कानून की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है। मजदूरों द्वारा काम मांगने पर न तो काम मिलता है और काम मिलने पर महीनों तक मजदूरी नहीं मिलती है। इस कारण मजदूरों में भारी रोष है। आशा वर्कर्स, आंगनवाड़ी वर्कर्स एवं मिड-डे मिल वर्कर्स को कर्मचारी का दर्जा देने की मांग की गई। इस दौरान फूलसिंह श्योकंद एवं अन्य पदाधिकारियों ने भी मुख्यमंत्री द्वारा घोषणाओं पर अमल करने की मांग की।
जींद. धरने के दौरान नारेबाजी करते सीटू कार्यकर्ता।