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- न कोई सूचना न इंतजाम, ४० में पहुंचे सिर्फ ४ स्कूलों के विद्यार्थी
न कोई सूचना न इंतजाम, ४० में पहुंचे सिर्फ ४ स्कूलों के विद्यार्थी
भास्कर न्यूज - जुलाना
बेशक विद्यार्थियों की प्रतिभा निखारने के नाम पर शिक्षा विभाग द्वारा लाखों रुपए खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन इसका लाभ विद्यार्थियों को नहीं मिल पा रहा है। ऐसा ही कुछ बुधवार को खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में आयोजित की गई खंड स्तरीय सांस्कृतिक टैलेंट सर्च प्रतियोगिता के दौरान देखने को मिला।
शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित की गई सीनियर सेकेंडरी स्कूलों के विद्यार्थियों की इस प्रतियोगिता की विभाग द्वारा अधिकतर स्कूलों को सूचना ही नहीं दी गई। इसी कारण ४० स्कूलों की इस प्रतियोगिता में महज ४ स्कूलों के विद्यार्थी ही अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सके। हद तो तब हुई जब प्रतियोगिता में भाग लेने वाले बच्चों के लिए विभाग ने किसी भी तरह की व्यवस्था नहीं की।
कुछ स्कूलों को फोन पर बताया
शिक्षा विभाग खंड स्तरीय सांस्कृतिक प्रतियोगिता को लेकर कितना संजीदा था। इसका अंदाज इसी से लगाया जा सकता है कि प्रतियोगिता के आयोजन के बारे में अधिकारियों द्वारा मंगलवार दोपहर बाद ही कुछ स्कूलों को फोन पर इसके बारे में सूचना दी गई। इसके चलते इस प्रतियोगिता में महज चार स्कूल जिनमें राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल लिजवाना कलां, किलाजफरगढ़, जुलाना व राजकीय हाईस्कूल फतेहगढ़ के कुल ४० विद्यार्थियों ने गायन, कविता, भाषण, नाटक, पेंटिंग आदि प्रतियोगिताओं में भाग लिया।
सुबह कहा गया कि बच्चों को लेकर जाना है : सरोज
खंड स्तरीय सांस्कृतिक प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए अपनी कार में पांच छात्राओं को साथ लेकर पहुंचीं राजकीय कन्या सीनियर सेकेंडरी स्कूल लिजवाना कलां की अध्यापिका सरोज ने बताया कि उन्हें तो बुधवार सुबह ही इस प्रतियोगिता के बारे में पता लगा था। जब वह स्कूल पहुंचीं तो उन्हें प्राचार्य ने कहा कि कुछ छात्राओं ((जो अच्छा भाषण-गायन कर लेती हैं)) को खंड स्तरीय प्रतियोगिता के लिए जुलाना लेकर जाना है। विभाग द्वारा इसके लिए उन्हें कुछ नहीं दिया गया है। वहीं, राजकीय हाईस्कूल फतेहगढ़ के अध्यापक सुभाष ने बताया कि उन्हें प्रतियोगिता के बारे में मंगलवार दोपहर बाद स्कूल छुट्टी के समय बताया गया था।
कई स्कूलों को कल ही दी थी सूचना, सुविधाओं के बारे में नहीं है जानकारी
॥खंड स्तरीय प्रतियोगिता के बारे में कल कई स्कूलों को सूचना दी गई थी। कई बच्चों ने इसमें भाग लिया है। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले बच्चों के लिए अन्य क्या सुविधाओं का प्रावधान है इसके बारे में पता नहीं है।
- सुरेंद्र श्योराण, खंड मौलिक शिक्षा अधिकारी, जुलाना
रिफ्रेशमेंट भी नहीं दी गई
प्रतियोगिता में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को इस दौरान न तो कोई रिफ्रेशमेंट दी गई और न ही अव्वल आने के बाद कोई पुरस्कार। विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा दिखाई, चंद अध्यापकों व छात्रों ने तालियां बजाईं और वापस अपने स्कूल लौट गए। साथ आए अध्यापक विजेता विद्यार्थियों को दिलासा दे रहे थे कि उन्हें बाद में पुरस्कार दिए जाएंगे। मिलेगा कब इसका उन्हें भी पता नहीं था।
सांस्कृतिक टैलेंट सर्च प्रतियोगिता