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घोषणाएं लागू कराने को सड़क पर उतरे मजदूर और आंगनवाड़ी वर्कर्स
भास्कर न्यूज - जींद
सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन के आह्वान पर जिले के कई मजदूरों और आंगनवाड़ी वर्करों ने सीएम द्वारा की गई घोषणाओं को लागू कराने की मांग को लेकर शहर में रोष प्रदर्शन किया। न्यूनतम मजदूरी लागू करने और कई अन्य घोषणाओं पर अमल ना होने पर नारेबाजी कर रोष जताया गया। मजदूर नेहरू पार्क में इकट्ठा हुआ और गोहाना रोड से प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। यहां डीसी के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजा गया।
प्रदर्शन का नेतृत्व सीटू के जिला प्रधान सतबीर खरल, लाल झंडा मजदूर यूनियन के राज्य प्रधान कामरेड रमेशचंद्र, भवन निर्माण कामगार यूनियन नेता कश्मीर सिंह ने किया नेहरू पार्क में आयोजित सभा में कामरेड रमेशचंद्र ने कहा कि मुख्यमंत्री ने नवंबर में गोहाना रैली कर अनेक घोषणाएं की थी। अब उन पर अमल नहीं हो रहा है। मजदूरों, कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन नहीं मिल रहा है। एक तरफ महंगाई लगातार बढ़ रही हैं, वहीं उद्योगपति सरकार की मिलीभगत से मजदूरों और छोटे कर्मचारियों का शोषण कर रहे हैं। मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि न्यूनतम वेतन केवल सरकारी विभागों में लागू होगा और निजी उद्योग व मनरेगा मजदूर इससे बाहर रहेंगे। अब तक सरकारी विभागों वन विभाग, स्वास्थ्य सेवाओं में लगे कच्चे व ठेका आधार के मजदूरों को 5300 मासिक के हिसाब से मजदूरी मिल रही है। इससे मजदूरो में रोष है। इस मौके पर कामरेड कपूर सिंह, कामरेड सुरेश करसोला, सुभाष तिवारी ने भी विचार व्यक्त किए।
न्यूनतम मजदूरी लागू न होने पर जताई नाराजगी
ये हैं मुख्य मांगें
ञ्च दस नवंबर को गोहाना में की गई घोषणाओं पर अमल हो।
ञ्च न्यूनतम मजदूरी 8100 रुपए हर क्षेत्र में लागू की जाए।
ञ्च सभी स्कीम वर्करज को कर्मचारी घोषित किया जाए और 15 हजार मासिक वेतन दिया जाए।
ञ्च मिड डे मिल, आंगनबाड़ी वर्कर और आशा वर्कर को पक्का किया जाए।
ञ्चग्रामीण चौकीदारों का बढ़ा हुआ मानदेय दिया जाए और चौकीदारों की भर्ती पर पांच वर्ष की शर्त हटाई जाए। रिटायरमेंट पर दो लाख रुपए एक्सग्रेसिया दिया जाए।
ञ्चबालवाड़ी में लगी वर्कर्ज एवं हेल्पर्ज को आंगनबाड़ी के बराबर मानदेय दिया जाए।
ञ्चभट्ठा उद्योग में कार्यरत मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा दी जाए और उनकी लड़कियों की शादी में सहयोग दिया जाए।
ञ्चदो वर्ष से ज्यादा समय पूरा कर चुके कच्चे कर्मचारी पक्के किए जाएं।