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72 घंटे से बिजली-पानी नहीं, भाकियू ने सासरौली चौक जाम किया
भास्कर न्यूज - साल्हावास
पिछले 72 घंटे से बिजली ने होने के कारण ग्रामीण क्षेत्र में स्थिति काफी खराब रही। झज्जर बहुझौलरी मार्ग पर एक घंटे तक जाम लगाया, जिसके कारण वाहनों की लंबी लंबी लाइनें लग गई। बाद में बिजली अधिकारियों के आश्वासन के बाद जाम खोला गया। भारतीय किसान यूनियन के रणवीर नौगांवा, राजेंद्र धनखड़, महेंद्र सिंह, सुनील, बिजेंद्र, मांगे, राजेश झामरी ने बताया कि बिजली न आने के कारण वे तीन दिन से अंधेरे में है। पीने के पानी की समस्या और आटा चक्की तक बंद है। लोगों को नहाने के लिए पानी नहीं मिल रह है। बिजली न होने के कारण दिनचर्या प्रभावित है। सूचना मिलने के बाद थाना प्रभारी सुभाष मौके पर पहुंचे। बाद में बिजली निगम बेरी के कार्यकारी अभियंता एचबी वत्स व एसडीओ महेंद्र सिंह के आवश्वास के बाद जाम खोला गया। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि बिजली नहीं आई तब शुक्रवार को फिर सड़क जाम
किया जाएगा।
पावर हाउस में फॉल्ट, रोहतक से बुलाया लाइनमैन झुलसा
आज की बैठक पर निगाहें, बिजली के साथ ही तीन दिनों से प्यासे घरों तक पहुंचेगा पानी, कार्यालयों में निपटाए जाएंगे कामकाज
भास्कर न्यूज - झज्जर/बहादुरगढ़
तालमेल कमेटी के आह्वान पर बीते तीन दिनों से चल रही कर्मचारियों की हड़ताल के समाप्त होने पर आम लोगों ने राहत की सांस ली है। तीन दिनों तक बिजली व पानी नहीं आने से परेशान आम आदमी का जीवन शुक्रवार को फिर से पटरी पर लौटेगा। हालांकि हड़ताल समाप्त करने की घोषणा के साथ ही आज चंडीगढ़ में होने वाली बैठक पर कर्मचारियों और अधिकारियों की निगाहें टिकी हुई हैं। शुक्रवार से बिजली व्यवस्था दुरुस्त होगी तथा बिजली के साथ ही तीन दिनों से प्यासे घरों तक पानी भी पहुंचेगा। इसके अतिरिक्त बहुद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारियों के काम पर वापस लौटने से स्वास्थ्य सेवाएं भी पटरी पर आएंगी व अन्य विभागों में भी कार्य सुचारु तौर पर होंगे। हड़ताल के कारण बीते तीन दिनों से जिला प्रशासन भी अपने नियमित कार्यों को छोड़कर व्यवस्था को दुरुस्त करने में लगे थे। शुक्रवार से प्रशासनिक अधिकारी एक बार फिर से नियमित काम पर लौटेंगे जिससे उनके कार्यालय के चक्कर लगा रहे लोगों को भी राहत मिलेगी।
दोपहर बाद सामान्य होगी बिजली आपूर्ति
बहादुरगढ़ - तीन दिनों से बिजली पानी का संकट शुक्रवार दोपहर बाद सामान्य हो जाएगा। इस बारे में बिजली निगम के एसडीओ आशीष, एस राणा तथा आरएन हुडा ने बताया कि बिजली की तार पर चेन फेंकने के कारण बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई है। आज हड़ताल के समाप्त होने पर शुक्रवार दोपहर तक स्थिति पूरी तरह से सामान्य हो जाएगी। इसी तरह से जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन एसपी जोशी ने बताया कि बिजली नहीं होने से पेयजल सप्लाई में कुछ दिक्कत आई थी जिसे जनरेटरों से ठीक किया गया। अब हड़ताल समाप्त होने से शुक्रवार सुबह पेयजल की सप्लाई सामान्य हो जाएगी।
वीके कत्याल, अधीक्षक अभियंता
सीधी बात :
> सवाल : पावर हाउस में फाल्ट कहां था?
झज्जर ओल्ड को जाने वाले 33 केवीए फीडर में फाल्ट था। सुबह से दिक्कत होने के कारण उसके ब्रेकर को दुरुस्त किया जा रहा था।
> सवाल : हादसे में क्या हुआ?
स्पार्क निकली और वह नीचे गिर गया, जिसके कारण वह झुलस गया है।
> सवाल: उपचार के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
कर्मचारी की गंभीर हालत देखते हुए उसको गुडग़ांव से दिल्ली सबदरजंग अस्पताल में रेफर किया गया है। कान से खून आने की शिकायत भी है, इसके बारे में देर रात को चिकित्सकों द्वारा जांच की जाएगी।
> सवाल : लाइनमैन रोहतक में तैनात था, फिर उनसे झज्जर पावर हाउस में काम क्यों लिया?
राजन रोहतक डिविजन में तैनात है, एक्सपर्ट होने के कारण उनकी अन्य जगह भी मदद ली जाती रही है।
> सवाल: पावर हाउस एक संवेदनशील जगह है। काम के दौरान सावधानी अहम है, फिर अफसरों की मौजूदगी में यह सब कैसे हुआ?
सुबह से ही फीडर न चलने के कारण दबाव था। ब्रेकर में दिक्कत थी। ऐसे में दबाव में काम हो रहा था।
> सवाल : आप क्या मानते है कर्मचारी दबाव में था या फिर अधिकारी?
देखो, पिछले तीन से हड़ताल है। यूएचपीएन की ओर से प्रेशर था। इसी स्थिति में सभी प्रेशर में काम कर रहे थे। मामले की जांच कराई जाएगी, लेकिन उनका माना है कि यह मौके पर खड़े अधिकारी व स्टाफ सभी दबाव में काम कर रहे थे।
हड़ताल खत्म, बिजली-पानी सप्लाई होगी बहाल
ये है शहर में बिजली संचालन व्यवस्था
जिले में 132 व 220 केवीए के 12 पावर हाउस हैं। कामकाज की दृष्टि से पावर हाउस की जिम्मेदारी एचवीपीएन की है। जबकि इससे निकलने वाले 33 व 11 केवीए की फीडरों की देख रेख यूएचपीएन की रहती है। फीडर में फाल्ट आने से पावर हाउस में बिजली ब्रेक हो जाती है, जिससे यहां लगे करोड़ों के ट्रांसफार्मर सुरक्षित हो पाते हैं।
यूनियन का आरोप, निगम के अधिकारी जिम्मेदार
हड़ताल में शामिल एचएसईबी के यूनिट सचिव देवेंद्र पूनिया व एएचपीसी के सचिव हेमचंद्र शर्मा ने कहा है कि पावर हाउस पर लाइनमैन राजन सैनी के साथ हुए हादसे के जिम्मेदार उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के कार्यकारी अधिकारी व एसडीओ के साथ एचवीपीएन के अधीक्षक अभियंता, कार्यकारी अभियंता व एसएसई हैं, जो उनको लेकर आए और जिनके दबाव में उनको बिना किसी सेफ्टी के काम पर लगाया गया। यूनियन ने मामले में पांच अधिकारियों पर हत्या के प्रयास का केस दर्ज करने की मांग की है।