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स्वतंत्रता सेनानी करेेंगे समारोह का बहिष्कार
भास्कर न्यूज - कनीना
स्वतंत्रता सेनानी एवं उनके उत्तराधिकारी सम्मान समिति की मांगें नहीं माने जाने पर उक्त व्यक्ति आज मनाए जाने वाले गणतंत्र दिवस के सरकारी समारोह का बहिष्कार किया जाएगा।
कनीना उपमंडल के गांव करीरा निवासी एवं नेताजी सुभाषचंद्र बोस की सेना के सिपाही निहाल सिंह व प्रभाती लाल ने बताया कि सरकार ने उनकी उपेक्षा की है।
ये हैं मुख्य मांगे : उन्होंने बताया कि जिन स्वतंत्रता सेनानियों के नाम सूची में दर्ज नहीं हैं उनके नाम सूची में शामिल करने, पेंशन राशि को मूल पेंशन में परिवर्तित करने, राज्य एवं केंद्रीय सेवाओं में उनके उत्तराधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर नौकरियां देने, स्वतंत्रता सेनानी आश्रित शब्द की जगह उत्तराधिकारी शब्द लिखने, सरकारी अस्पतालों में कैश लैस चिकित्सा सुविधा देने जैसी मांगों को लेकर अखिल भारतीय स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी संयुक्त संगठन के अध्यक्ष जीएस मिश्रा व महासचिव धर्मवीर पालीवाल के नेतृत्व में बीती 10 जनवरी को नई दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर एक दिन का धरना दे माननीय प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंप चुके हैं। इस ज्ञापन के माध्यम से उत्तराधिकार सम्मान समिति के सदस्यों ने सरकार को अल्टीमेटम दिया था। इस पर अभी तक केाई सुनवाई नहीं हो सकी है।
बिजली मंत्री कैप्टन अजयसिंह करेंगे ध्वजारोहण
नारनौल - आईटीआई मैदान में रविवार मनाए जाने वाले जिलास्तरीय गणतंत्र दिवस प्रदेश के बिजली मंत्री कैप्टन अजय सिंह राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। इस समारोह की तैयारियों का शुक्रवार नगराधीश प्रताप सिंह ने जायजा लिया। 26 जनवरी को सुबह 9.58 बजे शुरू होने वाले इस समारोह में इस बार बिजली मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव मुख्यातिथि होंगे। 10 बजे राष्ट्रीय ध्वजारोहण व राष्ट्रीय धुन बजेगी। 10.02 पर परेड निरीक्षण के लिए डीएसपी जयपाल सिंह मुख्यातिथि को आमंत्रित करेंगे। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में डीएवी की कव्वाली, सरस्वती स्कूल-हरियाणवी डांस, बीपीएस स्कूल अभिनय गीत, हरियाणा पब्लिक स्कूल-राजस्थानी लोक नृत्य, हरियाणा वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल-गीदा पंजाबी तथा राजकीय गल्र्ज सीनियर सेकेंडरी स्कूल का हरियाणवी डांस होगा।
स्वतंत्रता सेनानी निहाल सिंह ने बताया कि सरकार ने उन सभी मांगों को नहीं माना तो आज गणतंत्र दिवस नहीं मनाने का फैसला लिया गया। इसके तहत कोई भी स्वतंत्रता सेनानी किसी भी सरकारी समारोह में हिस्सा नहीं लेगा। उनके द्वारा अपने घरों में तिरंगा फहराया जाएगा।
> सरकार पर उपेक्षा का आरोप