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गणतंत्र दिवस पर तिरंगे का अपमान

7 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - कनीना
कनीना क्षेत्र में गणतंत्र दिवस पर ध्वजा रोहण करते समय अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई। पीकेएसडी कॉलेज में मनाए जा रहे 65वें गणतंत्र दिवस पर तिरंगा फहराते समय कॉलेज प्रबंधन की लापरवाही उजागर हुई। जिसकी प्रत्येक जन ने निंदा की। कॉलेज में तिरंगा फहराने गए कॉलेज शिक्षा समिति के प्रधान तथा नायब तहसीलदार व नगर पालिका की प्रधान शारदा देवी ने जब तिरंगे को सलामी देनी चाही तो राष्ट्रीय ध्वज रस्सी के माध्यम से नीचे आकर अटक गया। जैसे-तैसे ठीक करने की कोशिश की गई तो तिरंगे में लिपटे पुष्प पैरों में गिर गए।
आधा घंटा दरी से फहराया तिरंगा
कॉलेज प्रबंधन ने अपनी इज्जत बचाने के लिए कॉलेज के ही एक स्वीपर सोनू को मंच से आवाज देकर बुलाया ओर 40 फुट ऊंचे लोहे के पोल पर चढने को कहा। युवक ने अपनी जान जोखिम में डालकर तिरंगे के सम्मान के लिए पोल पर चढाई शुरू कर दी। इस सारे घटनाक्रम के कारण निर्धारित समय से आधे घंटे बाद तिरंगा फहराया जा सका। राष्ट्रीय ध्वज के अपमान को लेकर वहां पर उपस्थित लागों को तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई। पुलिस प्रशासन के अधिकारियों के अलावा नाब तहसीलदार, नपा प्रधान, कॉलेज शिक्षा समिति के प्रधान, उप प्राचार्य व सुरक्षा एवं गुप्तचर विभाग के कर्मियों के समक्ष तिरंगे की मर्यादा ताक पर रही। जो तिरंगा हमें देश की अखंडता व एकता को समर्पित रखने का संदेश देता हैं उस राष्ट्रीय ध्वज का अपमान किस प्रकार से हुआ है यह किसी से छुपा नहीं है। इस बारे में कनीना के थाना अध्यक्ष बलजीत सिंह कंबोज ने कहा कि तिरंगे को पहराने के समय लापरवाही हुई है जिससे झंडे की मर्यादा धुमिल हुई है। इसमें कॉलेज प्रबंधन की कमी रही है। नायब तसीलदार मुखत्यार सिंह ने कहा कि कॉलेज प्रबंधन द्वारा रिहर्सल न करने की लापरवाही के चलते पूरा घटनाक्रम हुआ है।