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रसूलपुर में दर्जनों मवेशी मरे, बीमारी पर नियंत्रण नहीं

7 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - कनीना
कनीना उपमंडल के गांव रसूलपुर में पिछले दिनों से पशुओं में आई बीमारी के कारण दर्जनभर पशु काल का ग्रास बन चुके हैं, जिससे ग्रामीण सकते में हैं। पशु चिकित्सकों की टीम बीमारी को नियंत्रण में रखने में नाकाम रही है। ऐसे में ग्रामीणों ने बीमारी से बचाव के लिए सामूहिक हवन किया।
पशुपालन विभाग के दावों के बीच बीमारी पर नियंत्रण नहीं हो पाया है। 28 जनवरी को प्रभाती लाल व राजपाल के मवेशी मर गए, वहीं 29 जनवरी को विक्रम सिंह की भैंस मौत का ग्रास बन गई। सामूहिक हवन में आए ओमप्रकाश, संतरा देवी पंच, सतीश कुमार, धर्मवीर सिंह, अजीत सिंह, सत्यवीर सिंह, राजू, सुरेंद्र सिंह, ईश्वर सिंह, रामसिंह, सोनू, विनोद कुमार, विजे कुमार, कपिल कुमार, अरूण, विनोद, विकास सिंह, पवन कुमार, नवीन यादव ने बताया कि गांव में 20 दिनों के अंतराल में छोटे-बड़े दर्जनभर पशुओं ने दम तोड़ दिया है।
डाक्टरों पर लगाया लापरवाही का आरोप
ग्रामीणों ने बताया कि 9 जनवरी को गांव में एक ट्रस्ट से जुड़े लोग आए, जिन्होंने पशुओं को गलघोंटू वैक्सीन के नाम पर बिना पंचायत एवं पशु मालिकों को सूचना दिए टीके लगाए। ग्रामीणों ने इस टीम पर काम में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए कहा कि इन लोगों ने गांव के अधिकांश पशुओं में सूई लगी छोड़ दी, जिन्हें अगले दिन पशु मालिकों ने निकाला। ट्रस्ट के इन लोगों को ठेकेदार के माध्यम से पशुओं को कृत्रिम गर्भाधान के लिए रखा गया है। वेटनरी सर्जन डॉ. लालसिंह सहित 4 चिकित्सकों की टीम मवेशियों के उपचार के लिए गांव में जाती थी। डॉ. संजय यादव ने बताया कि बीमार पशुओं का इलाज किया जा रहा है।