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डाउनलोड करेंबरवाला. स्वास्थ्य विभाग और राज्य सरकार आज मेडिकल प्रेक्टिसनर्स को परेशान करने का काम कर रहा है। हालत यह है कि गरीब लोगों को सस्ता इलाज मुहैया करवाने वाले चिकित्सकों को नाजायज रूप से तंग किया जा रहा है।
मामले को लेकर वे कई बार सरकार आगाह कर चुके हैं, लेकिन अब वक्त आर पार की लड़ाई का आ गया है। यह बात सामाजिक चिकित्सक महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष डॉ.सुभाष सैनी ने मंगलवार को बरवाला के एसडीएम कार्यालय के समक्ष धरने पर बैठे महासंघ से जुड़े मेडिकल प्रैक्टिसनर्स को संबोधित करते हुए कही। इस दौरान संगठन के सदस्यों ने सरकार व स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नारेबाजी कर रोष भी प्रकट किया।
चिकित्सकों ने अपने क्लीनिक भी प्रदर्शन के दौरान बंद रखी। एसडीएम कार्यालय पर हो रहे प्रदर्शन की सूचना पाकर नायब तहसीलदार नेतराम वर्मा ने मौके पर पहुंच कर प्रदर्शनकारियों की बात सुनीं। इस दौरान रोष जताने के लिए धरने पर बैठे मेडिकल प्रैक्टिसनर्स ने अपनी मांगों को लेकर सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नाम नायब तहसीलदार नेतराम वर्मा को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से मेडिकल प्रैक्टिसनर्स ने कहा कि प्रदेश भर के चिकित्सकों ((मेडिकल प्रैक्टिसनर्स)) के खिलाफ दर्ज किये गये मुकदमों को वापस लिया जाये तथा इन्हें राज्य में नियमित कार्य करने की अनुमति दी जाये। चिकित्सकों ने कहा कि अगर समय रहते सरकार उनकी मांग की तरफ ध्यान नहीं देती हैं, तो 13 फरवरी को मेडिकल प्रैक्टिसनर्स रोहतक में राज्य स्तरीय प्रदर्शन कर सरकार को चिकित्सक विरोधी होने का जवाब देंगे।
चिकित्सकों ने कहा कि सरकार व स्वास्थ्य विभाग चिकित्सकों का उत्पीडऩ बंद नहीं करेगा तो वे रोहतक प्रदर्शन के बाद आंदोलन को और तेज करेंगे। इस दौरान संगठन के राज्य सचिव डॉ. बलबीर कौशिक, डॉ. रामभगत वर्मा, डॉ.अजय वर्मा, सुरेश, वेद प्रकाश, देवी चंद, आनंद, पवन धुन्ना, दर्शन कक्कड़, ओपी पोपली, सुंदर असीजा, ताराचंद, डॉ. बहादुर सिंह, इकबाल सिंह, प्रभु राम, रणबीर ज्ञानपुरा, कमल आदि थे।
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