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फूड लाइसेंस के नाम पर चल रही ठगी

8 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - सोनीपत
शहर की सब्जी मंडी व विभिन्न बाजारों में रेहड़ी, खोमचा व सब्जी बेचने वालों से फूड लाइसेंस के नाम पर ठगी की जा रही है। इसके लिए पंपलेट बांटा जा रहा है। जिस पर लिखा है कि फूड लाइसेंस बनवाना जरूरी है। नहीं बनवाने पर पांच लाख रुपए का जुर्माना और छह महीने की कैद हो सकती है, जिससे इन छोटे दुकानदारों में काफी बेचैनी है। दुकानदारों को कहना है कि लाइसेंस के लिए दो हजार रुपए मांगे जा रहे हैं।ऐसे में चाय बेचना भी मुश्किल हो जाएगा। वहीं जिला फूड सेफ्टी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उनकी ओर से कोई पंपलेट नहीं बांटा जा रहा है।
बहकावे में न आएं, यहां बनवाएं लाइसेंस : लाइसेंस बनवाने के लिए किसी भी तरह के पंपलेट और बहकावे में आने की बजाय सिविल अस्पताल में फूड सेफ्टी अधिकारी कार्यालय से संपर्क करें। वहां से फार्म दिया जाएगा, जिसके बाद व्यापार की क्षमता के अनुसार फीस ली जाएगी, जिसमें छोटे दुकानदारों से केवल सौ रुपए लेकर उनका रजिस्ट्रेशन कर दिया जाएगा।




दो-दो हजार रुपए की कर रहे हैं मांग

सब्जी मंडी में फल बेचने वाले कुक्कू ने बताया कि उसे मंगलवार को पंपलेट दिया गया, जिसके बाद उसने पंपलेट में दिए गए नंबर पर फोन किया। उसने पंपलेट का हवाला देते हुए लाइसेंस के बारे में पूछताछ की तो उससे दो हजार रुपए मांगे गए। इसी तरह मंडी के दूसरे चाय व सब्जी बेचने वालों से भी दो-दो हजार रुपए की मांग की जा रही है। इस पैसे में वह पांच साल का लाइसेंस जारी करेगा। जिसके बाद इन दुकानदारों को कोई परेशान नहीं करेगा। दुकानदारों की शिकायत पर जब पंपलेट पर दिए गए नंबर पर बात कर जानकारी मांगी गई तो मोबाइल रिसीव करने वाले ने बताया कि फूड लाइसेंस के तहत यह कराना जरूरी है। जिसके दो हजार रुपए और पांच फोटो, लाइसेंस व वोटर कार्ड के साथ संपर्क करें।

॥ फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया के निर्देशानुसार लाइसेंस बनवाना जरूरी है, लेकिन नियमों के तहत। जिसके अनुरूप सिविल अस्पताल स्थित कार्यालय से फार्म दिया जा रहा है। नियमानुसार फीस ली जाएगी। फर्जी लोगों के चक्कर में आने की बजाय कार्यालय से संपर्क कर लाइसेंस बनवाया जा सकता है। यह शरारत कुछ लोगों द्वारा की जा रही है, जिसे किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था स्वयं लाभार्थी के लिए की गई है।’’

पृथ्वी सिंह, डिस्ट्रिक फूड सेफ्टी ऑफिसर, सोनीपत।

केंद्र सरकार ने आम नागरिकों के स्वास्थ्य का ख्याल रखते हुए खाने-पीने का सामान बेचने वालों को लाइसेंस बनवाना जरूरी कर दिया है। जिसके तहत दो टन से अधिक माल रखने व बनाने वालों पर केंद्र सरकार का कंट्रोल रहेगा, जबकि इससे कम पर राज्य सरकार द्वारा लाइसेंस जारी किया जाता है, जिसमें दो टन तक के लिए पांच हजार रुपए प्रति साल और एक टन के लिए दो हजार रुपए की फीस ली जाती है। फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया एकट 2006 के तहत लाइसेंस जारी कर दिया जाता है।

एक्ट में सभी के लिए अलग नियम