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उद्योगपति फरवरी से नहीं जमा कराएंगे ईएसआई की किस्त

7 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - सोनीपत
निजी क्षेत्र में कार्यरत लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने का दावा करने वाले ईएसआईसी अस्पतालों की हालत खस्ता है। मरीजों को जरूरी सेवाएं नहीं मिल रही हैं। इसके मद्देनजर उद्योगपतियों ने इसके खिलाफ मोर्चा खोलने का मन बना लिया है।
उद्योगपतियों का कहना है कि ईएसआईसी के अधिकारियों को कर्मचारियों की परवाह नहीं है। अगर एक महीने किसी कर्मचारी से संबंधित डिटेल में देरी हो जाती है, तो संबंधित अधिकारी उस पर सवालों को झड़ी लगा देता है। लेकिन पैसे देने के बावजूद उनके कर्मचारियों को आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मामले को लेकर मुख्यमंत्री से बातचीत की जाएगी। जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगे। जिले में मुख्य रूप से औद्योगिक क्षेत्र राई, कुंडली, सोनीपत और बड़ी में उद्योग कार्यरत हैं। जिसमें करीब 20 हजार ऐसे कर्मचारी कार्य करते हैं, जो ईएसआईसी के दायरे में आते हैं। ईएसआईसी के नियमानुसार हर औद्योगिक क्षेत्र में एक डिस्पेंसरी होनी चाहिए। जहां पर आवश्यक दवाओं के साथ आवश्यक चिकित्सक मौजूद होना चाहिए।



डिस्पेंसरी व डीसी कार्यालय पर देंगे धरना

॥निजी क्षेत्र में कार्यरत श्रमिक इस महंगाई के दौर में किसी तरीके से अपनी रोटी चला रहे हैं। ईएसआई के नाम पर उनके वेतन हर महीने बगैर पूछे ही धनराशि काट ली जाती है। लेकिन सुविधा के नाम पर कुछ भी नहीं दिया जा रहा है। लाखों लोगों के स्वास्थ्य के साथ लापरवाही हो रही है। जिसके किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों की तानाशाही अब सिर से ऊपर हो रही है। उद्योगपतियों से बातचीत कर उन्हें भी कर्मचारियों के हित के लिए लडऩे को कहेंगे। जल्द ही सैकड़ों कर्मचारियों व श्रमिकों के साथ ईएसआई डिस्पेंसरी और डीसी कार्यालय पर धरना देंगे। आनंद शर्मा, प्रदेश महासचिव, सीटू।

मिनिस्ट्री से होगी बात



8 हजार कर्मी कार्यरत

१० साल से दे रहें हैं पैसा

॥ कर्मचारियों को सुविधा प्रदान करने के लिए हर महीने उनके हिस्से की धनराशि ईएसआईसी को जमा कराई जाती है। लेकिन चिकित्सकीय सुविधाओं के नाम पर उन्हें कुछ भी नहीं मिल रहा है। स्थानीय अधिकारियों की ओर से कोई कारगर कदम नहीं उठाया जा रहा है। मामले में इंडस्ट्री मिनिस्ट्री को लिखेंगे।’’

राकेश देवगन, सीनियर वाइस चेयरमैन, हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स।

॥ राई में करीब ढाई सौ से अधिक औद्योगिक इकाइयां हैं ईएसआई की सेवाएं प्रदान करती है। इनमें करीब 8000 हजार कर्मचारी कार्यरत है। जिनके वेतन से हर महीने ईएसआई की धनराशि काटी जाती है, लेकिन उन्हें मिलने वाली सुविधाएं नगन्य हंै। अधिकारियों को लगता है कि वह कर्मियों पर अहसान करते हैं। इस संदर्भ में ईएसआई डायरेक्टर से बातचीत की जाएगी।’’

उद्योगपति अरविंद, राई।

॥ पिछले 10 सालों से उद्योगों में कर्मचारियों का ईएसआईसी और पीएफ कट रहा है। इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ने इन 10 सालों में जितना भुगतान किया है, उतने में अपना अस्पताल खोल लेते। कर्मचारियों को बेहतर चिकित्सकीय सुविधाएं मुहैया कराई जा सकती थी। आगे से जमा की जाने वाली किस्त रोकी जा रही है। सेवाएं नहीं तो किस्त नहीं।’’

युद्धवीर नैन, चेयरमैन, हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, सोनीपत।

यह बोले जिले के उद्योगपति

खोला मोर्चा

जिले की ईएसआईसी डिस्पेंसरी की खस्ता हालत से निजी कंपनियों में कार्य करने वाले 22 हजार कर्मियों के एक लाख परिवारों को परेशानी