पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • गैप से अभी नहीं मिलेगी राहत

गैप से अभी नहीं मिलेगी राहत

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भास्कर न्यूज - सोनीपत
पीडब्ल्यूडी द्वारा रोहतक रोड आरओबी के ज्वांइट्स के गैप को भरने की योजना पर प्रशासन ने अग्रिम आदेश तक रोक लगा दी है। इससे तय है कि अभी करीब छह माह तक इस आरओबी की सड़क इसी तरह से ऊबड़-खाबड़ व वाहनों के लिए झटकेदार ही रहेगी।
रोक लगाने का कारण भी वाजिब है। अभी शहर के एक बड़े हिस्से व रोहतक- बहादुरगढ़-खरखौदा की तरफ जाने वाले भारी वाहनों के लिए यही एकमात्र रास्ता है। ऐसे में इसे बंद किया जाना पूरे शहर की परेशानी बढ़ाने के समान होता। क्योंकि इसकी मरम्मत के लिए कम से कम छह दिन का समय चाहिए। ऐसा में अभी मरम्मत के काम को रोकना ही बेहतर समझा गया है। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने अब इसकी मरम्मत को लेकर कागजी कार्रवाई शुरू कर दी है, ताकि भविष्य में समय मिलने पर इस काम को तत्काल शुरू करा सके। इसके लिए कंसलटेंट की मदद से वाहनों की संख्या व वास्तविक लोड आदि का सर्वे शुरू किया गया है।
करना होगा गोहाना रोड आरओबी का इंतजार : पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को रोहतक रोड आरओबी की मरम्मत कराने के लिए गोहाना रोड आरओबी के निर्माण कार्य के पूरा होने का इंतजार करना होगा। क्योंकि यह एक रास्ता है, जिससे रोहतक रोड के ट्रैफिक को डायवर्ट किया जा सकता है। वहीं गोहाना रोड आरओबी का काम जब पूरी रफ्तार से चले तो भी इसमें कम से कम छह माह का समय लगेगा। ऐसे में तय है कि करीब छह माह तक तो रोहतक रोड आरओबी पर वाहन चालकों को झटके लगना तय है।



डीसी द्वारा मरम्मत का कार्य फिलहाल रोके जाने के बाद विभाग ने जमीनी स्तर पर कार्य नहीं करने का मन भले ही बदल दिया है, लेकिन कागजी कार्रवाई उसी गति से की जा रही है। जिसके तहत निजी कंपनी को कंसलटेंसी का कार्य सौंपा गया है। जिसमें विभाग ने अपना अनुभव और पुल से संबंधित जानकारी प्रदान कर उनका पक्ष मांगा है। साथ ही सर्वे में वाहनों की संख्या, मरम्मत का उनका तर्क, विचाराधीन नए आरओबी की डिजाइन व शेप के अनुसार सौंदर्यीकरण करना आदि शामिल हंै।

निजी कंसलटेंट से राय मांगी



विभाग ने तैयार किया है प्रपोजल



॥आरओबी के ज्वांइट्स को भरने के लिए विभाग द्वारा खाका तैयार कर लिया गया है। अब जब उच्च अधिकारियों ने काम रोक दिया है तो उस पर कंसलटेंट से रायशुमारी भी की जा रही है। तब तक निर्माण की अनुमति भी मिल जाएगी। सर्वेयर द्वारा रिपोर्ट भी सौंप दी जाएगी। टेंडर रिपोर्ट को टैली करने के बाद लगाया जाएगा।’’

एसके नागपाल, एसडीओ, पीडब्ल्यूडी, सोनीपत।

पीडब्ल्यूडी द्वारा इन ज्वांइट्स को भरने के लिए विशेष तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। जिसके तहत पुल में बैरिंग को जैक के माध्यम से निकाला जाएगा। पुल निर्माण के समय जिस क्षमता की बैरिंग का प्रयोग किया गया था, वैसी ही नई बैरिंग लगाई जाएंगी। इसके बाद पुल पर जैक के माध्यम से ही दबाव दिया जाएगा, ताकि ज्वाइंट्स के गैप ऊपर होकर भर सकें। यह सभी कार्य पुल के नीचे से होगा। जिसमें प्रेशर मशीन सहित अन्य मशीनों का प्रयोग होगा। इस तकनीक के माध्यम से घरों को भी एक स्थान से दूसरे स्थान पर सरका दिया जाता है।

अप्रूवल मिलने पर होगा कार्य

सोनीपत. रोहतक रोड ओवरब्रिज पर जाम के दौरान फुटपाथ के टूटे रास्ते से बाइक को आगे ले जाने का प्रयास करते वाहन चालक। इनसेट में ज्वाइंट्स गैप का दृश्य।



रोहतक रोड रेलवे ओवरब्रिज की कुल लंबाई करीब 950 मीटर है। जिसे वर्ष 1970 में स्लैब के माध्यम से बनाया गया है। इसकी मौजूदा चौड़ाई साढ़े छह मीटर है। स्लैब 25 मीटर के टुकड़ों में डाली गई है। कुल 38 स्लैब डाली गई हैं। इन स्लैब के बीच में दरार आ गई है, जिस पर वाहनों को जोर का झटका लगता है। वाहनों के एक्सल आदि टूट जाने पर जाम लग जाता है। अगर पैदल चला जाए, ध्यान नहीं देने पर पैर इसमें फंस सकता है। हालांकि जब पुल का निर्माण किया गया था, उस समय स्लैब डालकर ही बनाने की तकनीक चलन में थी। इसके अलावा एक मीटर चौड़ा फुटपाथ दोनों तरफ बनाया गया है। ये फुटपाथ भी काफी हद तक टूट चुके हैं।

यह है परेशानी

रोहतक रोड

आरओबी