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जहां से मन होता है, वहीं से दीवार तोड़ बना लेते हंै रास्ता

7 वर्ष पहले
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फोटो 28जीएच9 गोहाना. मंडी का टूटा हुआ मुख्य गेट।

फोटो 28जीएच10 गोहाना. टूटी हुई चार दिवारी से सामान लेकर जाते लोग।

28एसओ 11 : गोहाना. मंडी की टूटी हुई चारी दीवारी से निकलता हुआ ऑटो।

भास्कर न्यूज. गोहाना

नई सब्जी मंडी में सुरक्षा के व्यापक प्रबंध नहीं है। मुख्य गेट तो टूटा हुआ है, वहीं दीवार को तोड़कर भी लोगों ने रास्ता बनाया हुआ है। शैड के नीचे लोगों द्वारा अपने निजी वाहन खड़े कर दिए जाते हैं। मंडी में सब्जी लेकर आने वाले किसानों को परेशानी झेलनी पड़ती है। मंडी में सफाई व्यवस्था भी चरमराई हुई है। अव्यवस्थाओं के चलते दुकानदार व आढती भी परेशान हंै। कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा।

सब्जी मंडी में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। सुरक्षा के लिए मंडी की चारदीवारी की गई थी, जिसे लोगों ने तोड़ दिया। इन रास्तों से वाहन गुजरते हैं। वहीं इन रास्तों से होते ही आवारा पशु भी मंडी तक पहुंच जाते हैं। मंडी का मुख्य गेट भी टूटा हुआ है। जिसका फायदा निजी वाहन चालक उठाते है और रात को अपने निजी वाहन शेड के नीचे खड़े कर चले जाते हैं। सुबह किसान सब्जी लेकर मंडी पहुंचते है तो उन्हें अपना वाहन खड़ा करने के लिए जगह नहीं मिलती। उन्हें सड़क किनारे अपने वाहनों को खड़ा करना पड़ता है या फिर वाहनों के हटने का इंतजार करना पड़ता है। क्योंकि मंडी में सुबह ही सब्जी की बोली होती है। ऐसे में किसानों को मंडी के अंदर तक सब्जी लाने में परेशानी झेलनी पड़ती है। दुकानदारों का कहना है कि सुबह आकर कार्य करने में परेशानी होती है। वाहन खड़े होने के कारण रास्ता नहीं मिलता है। संबंधित विभाग को कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन समस्याओं का समाधान नहीं हुआ।

आवारा पशु रेहड़ी पर कर देते हैं हमला

सफाई की समुचित व्यवस्था न होने से सब्जियों के साथ आने वाला घास इधर-उधर बिखरा पड़ा रहता है। जिसके चलते आवारा पशु भी इधर-उधर घूमते रहते हैं। आवारा पशु अक्सर रेहडियों पर भी हमला कर देते हैं। इसका नुकसान रेहड़ी संचालकों को उठाना पड़ता है। बरसात के मौसम में गंदगी और अधिक बढ़ जाती है। एक तो पानी दूसरा इधर-उधर फैली हुई गंदगी। लोगों का कहना है कि सुरक्षा के व्यापक प्रबंध न होने पर वाहन भी चोरी की आशंका बनी रहती है।

मंडी में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। जगह-जगह मंडी की चार दिवारी टूटी हुई है। जिससे आवारा पशु मंडी में घुस जाते हैं और सारा दिन घूमते रहते हैं। इससे सब्जी खरीदने के लिए आने वाले लोगों और सब्जी विक्रेताओं को परेशानी झेलनी पड़ती है। मुख्य गेट भी टूटा हुआ है। जिसका फायदा उठाते हुए रात को लोग अपने निजी वाहन शैड के नीचा खड़ा करके चले जाते हैं। सुबह मंडी में आने वाले किसानों को परेशानी झेलनी पड़ती है।

राजेश चहल, प्रधान, मंडी आढ़ती एसोसिएशन ((28 जीएच 12))

मंडी में सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। जिसके चलते मंडी में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हुए है। जिसमें से दुर्गंध आती रहती है। ऐसे में खड़ा होना भी मुश्किल हो जाता है। दुकानदारों का कार्य करना दूभर हो गया है। सफाई कराने की मांग कई मार्केट कमेटी के अधिकारियों से कर चुके हैं, लेकिन नियमित रूप से सफाई नहीं होती।

राकेश कुमार, आढती ((28 जीएच 13))

मंडी में पानी की निकासी का उचित प्रबंध नहीं है। इसलिए हल्की सी बरसात होते ही पानी भर जाता है। जो कई दिनों तक खड़ा रहता है। गंदगी होने के कारण लोगों को आने-जाने में परेशानी झेलनी पड़ती है। आवारा पशु घूमते रहते हैं। ऐसे में बच्चों को साथ लेकर नहीं आ सकते। क्योंकि आवारा पशु कब हमला कर दे, कुछ नहीं कहा जा सकता।

जितेंद्र नरवाल, निवासी शिव कालोनी ((28 जीएच 7))





आवारा पशु रेहड़ी पर कर देते हैं हमला



भास्कर न्यूज - गोहाना

नई सब्जी मंडी में सुरक्षा के व्यापक प्रबंध नहीं है। मुख्य गेट तो टूटा हुआ है, वहीं दीवार को तोड़कर भी लोगों ने रास्ता बनाया हुआ है। शैड के नीचे लोगों द्वारा अपने निजी वाहन खड़े कर दिए जाते हैं। मंडी में सब्जी लेकर आने वाले किसानों को परेशानी झेलनी पड़ती है। मंडी में सफाई व्यवस्था भी चरमराई हुई है। अव्यवस्थाओं के चलते दुकानदार व आढती भी परेशान हंै। कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा।

सब्जी मंडी में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। सुरक्षा के लिए मंडी की चारदीवारी की गई थी, जिसे लोगों ने तोड़ दिया। इन रास्तों से वाहन गुजरते हैं। वहीं इन रास्तों से होते ही आवारा पशु भी मंडी तक पहुंच जाते हैं। मंडी का मुख्य गेट भी टूटा हुआ है। जिसका फायदा निजी वाहन चालक उठाते है और रात को अपने निजी वाहन शेड के नीचे खड़े कर चले जाते हैं।

सुबह कसान सब्जी लेकर मंडी पहुंचते है तो उन्हें अपना वाहन खड़ा करने के लिए जगह नहीं मिलती। उन्हें सड़क किनारे अपने वाहनों को खड़ा करना पड़ता है या फिर वाहनों के हटने का इंतजार करना पड़ता है। क्योंकि मंडी में सुबह ही सब्जी की बोली होती है। ऐसे में किसानों को मंडी के अंदर तक सब्जी लाने में परेशानी झेलनी पड़ती है। दुकानदारों का कहना है कि सुबह आकर कार्य करने में परेशानी होती है। वाहन खड़े होने के कारण रास्ता नहीं मिलता है। संबंधित विभाग को कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन समस्याओं का समाधान नहीं हुआ।



सफाई की समुचित व्यवस्था न होने से सब्जियों के साथ आने वाला घास इधर-उधर बिखरा पड़ा रहता है। जिसके चलते आवारा पशु भी इधर-उधर घूमते रहते हैं। आवारा पशु अक्सर रेहडियों पर भी हमला कर देते हैं। इसका नुकसान रेहड़ी संचालकों को उठाना पड़ता है। बरसात के मौसम में गंदगी और अधिक बढ़ जाती है। एक तो पानी दूसरा इधर-उधर फैली हुई गंदगी। लोगों का कहना है कि सुरक्षा के व्यापक प्रबंध न होने पर वाहन भी चोरी की आशंका बनी रहती है।



सफाई व्यवस्था चरमराई



॥ मंडी में सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। जिसके चलते मंडी में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हुए है। जिसमें से दुर्गंध आती रहती है। ऐसे में खड़ा होना भी मुश्किल हो जाता है। दुकानदारों का कार्य करना दूभर हो गया है। सफाई कराने की मांग कई मार्केट कमेटी के अधिकारियों से कर चुके हैं, लेकिन नियमित रूप से सफाई नहीं होती।’’

राकेश कुमार, आढती

आवारा पशु घूमते हैं

सुविधाओं का अभाव

॥ मंडी में पानी की निकासी का उचित प्रबंध नहीं है। इसलिए हल्की सी बरसात होते ही पानी भर जाता है। जो कई दिनों तक खड़ा रहता है। गंदगी होने के कारण लोगों को आने-जाने में परेशानी झेलनी पड़ती है। आवारा पशु घूमते रहते हैं। ऐसे में बच्चों को साथ लेकर नहीं आ सकते। क्योंकि आवारा पशु कब हमला कर दे, कुछ नहीं कहा जा सकता। ’’

जितेंद्र नरवाल, निवासी शिव कालोनी

॥ मंडी में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। जगह-जगह मंडी की चार दिवारी टूटी हुई है। जिससे आवारा पशु मंडी में घुस जाते हैं और सारा दिन घूमते रहते हैं। इससे सब्जी खरीदने के लिए आने वाले लोगों और सब्जी विक्रेताओं को परेशानी झेलनी पड़ती है। मुख्य गेट भी टूटा हुआ है। जिसका फायदा उठाते हुए लोग अपने वाहन खड़ा करके चले जाते हैं। ’’

राजेश चहल, प्रधान, मंडी आढ़ती

गोहाना. सब्जी मंडी की टूटी हुई चारदीवारी से निकलता हुआ एक ऑटो।

गोहाना. मंडी का टूटा हुआ मुख्य गेट, जहां से आवारा पशु भी घुस जाते हैं।