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बस में सीटी बजाएंगे, स्टेयरिंग भी थामेंगे ‘नेताजी’
अनिल भारद्वाज - सोनीपत
हरियाणा रोडवेज में बनी यूनियन के पदाधिकारियों को भी अब अपने पद के मुताबिक कार्य करना होगा। इसकी रिपोर्टिंग रोजाना संबंधित डिपो के महाप्रबंधक को जाएगी, ताकि कर्मचारियों की फील्ड में संख्या बढ़ाकर सवारियों को बेहतर सफर दिया जा सके।
चंडीगढ़ से आए पत्र के बाद महाप्रबंधकों ने यूनियन नेताओं की ड्यूटी उनके पदों के अनुसार लगा दी है। रोडवेज के इस कदम से विभिन्न यूनियनों से संबंधित करीब 760 नेताओं को धीरे से जोर का झटका लगा है।हरियाणा रोडवेज के 21 डिपो और 17 सब डिपो हैं। औसतन हर डिपो में सात यूनियनें हैं और एक यूनियन में पांच से सात पदाधिकारी चुने जाते हैं। सब डिपो में दो पदाधिकारी बन रहे हैं। अधिकारियों की मानें तो कुल मिलाकर हरियाणा में करीब 760 कर्मचारी ऐसे हैं, जो नेता बनकर ड्यूटी आरामदायक जगह पर लगवाकर कर्मचारियों के हितों की लड़ाई लड़ रहे हैं। अब इनको पदों के अनुसार ड्यूटी लगाने पर कोई नेता कंडक्टर बनकर सिटी बजाएगा तो कोई ड्राइवर के पद पर नियुक्त है, उसे स्टेयरिंग थामना होगा। क्योंकि अधिकतर यूनियन पदाधिकारी ड्राइवर या फिर कंडक्टर ही हैं। कर्मचारी ही बताते हैं कि कर्मचारी बने नेता अब अपनी ड्यूटी पदों के अनुसार कार्य करने में लगे हैं, लेकिन संतुष्ट नहीं हैं। हरियाणा रोडवेज में कर्मचारियों की संख्या कम है। जिस कारण रोजाना एक-एक डिपो में 12 से 15 बसें वर्कशॉप में ही खड़ी रहती हैं। इन नेताओं की ड्यूटी लगने से फील्ड में बसों की संख्या भी बढ़ी है। ऐसे में सवारियों को बेहतर सर्विस भी मिलनी स्वाभाविक है।
ञ्चहरियाणा रोडवेज महासंघ
ञ्चहरियाणा रोडवेज इंटक
ञ्चहरियाणा रोडवेज इंटक-2
ञ्चहरियाणा रोडवेज संयुक्त कर्मचारी संघ
ञ्चहरियाणा रोडवेज सकसं
ञ्चहरियाणा रोडवेज वर्कर यूनियन
ञ्चहरियाणा रोडवेज क्लेरिकल एसो.
रोडवेज की यूनियनें
हमें कर्मियों की बात सुननी है
॥रोडवेज यूनियनों के नेताओं की ड्यूटी लगा दी है। फिलहाल नेता ड्यूटी के मुताबिक कार्य कर रहे हैं। यदि कोई कोताही बरतेगा तो हेड ऑफिस में जा रही रिपोर्टिंग से पता चल जाएगा। कर्मचारियों की संख्या बढऩे से बसें भी अधिक चलेंगी।’’
नरेश कुमार गर्ग, महाप्रबंधक, हरियाणा रोडवेज सोनीपत डिपो।
यह है उपभोक्ताओं की स्थिति
सोनीपत डिपो के जिला प्रधान एवं तालमेल कमेटी के सदस्य आनंद शर्मा बताते हैं कि आए दिन सवारियों के साथ ड्राइवर व कंडक्टर के झगड़े होते हैं। कर्मचारियों से दुर्घटना भी हो जाती है। यदि कर्मचारी नेता नहीं होंगे तो उनका बचाव करने कौन आएगा। तालमेल कमेटी मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से मिलेगी और जिला प्रधानों की ड्यूटी न लगाए जाने की बात रखेगी। ड्यूटी करने से पदाधिकारी मना नहीं कर रहे हैं। बस स्टैंड व लोकल जगह पर ड्यूटी लग जाए तो साथियों के हितों के लिए भी काम कर सकेंगे।
हरियाणा रोडवेज के 21 डिपो व 17 सब डिपो में यूनियनों के 760 कर्मचारियों की रिपोर्टिंग रोजाना होगी