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हड़ताल हो चुकी है अब समाप्त, फिर भी 200 फीडर पड़े हैं ठप, आरोपियों की गिरफ्तारी को धड़ाधड़ हुई छापेमारी
भास्कर न्यूज - करनाल
जिला में हुई हड़ताल के बाद तीसरे दिन लोगों का गुस्सा चरम पर दिखा। जहां घरौंडा में एक होमगार्ड के जवान को बिजली न मिलने से गुस्साए लोगों ने तमाचा जड़ दिया, वहीं कई इलाकों में लोगों ने बिजली कर्मियों का इंतजार किए बिना खुद की फ्यूज लगाकर बिजली सप्लाई बहाल कर दी। हड़ताल से दो दिनों में करनाल की इंड्रस्ट्रीज को लगभग 15 करोड़ का नुकसान हुआ है। बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से लगभग दो सौ फीडर ठप पड़े हुए हैं। उन्हें चलाने वाला कोई कर्मचारी मौजूद नहीं है। फीडरों को एक बार तो कुछ देर के लिए चालू कर दिया जाता है। लेकिन कुछ देर बाद ही वे चलना बंद कर देते हैं। जिला पुलिस ने नागरिक सुविधाओं में बाधा डालने के आरोप में 10 एफआईआर दर्ज की हैं। जल्द ही आरोपी लोगों की गिरफ्तारी की जाएंगी।
निगम में आए 400 आवेदन
सरकार द्वारा करनाल जिला के लिए निकाली गई लगभग 250 पदों की भर्ती का असर अब दिखने लगा है। निगम एसई टीके महाजन के अनुसार एक ही दिन में लगभग चार सौ आवेदन पहुंच गए हैं। काफी कर्मचारी उनसे मिले हैं कि वे नई भर्ती न करें। उन्होंने कहा कि वे अपनी-अपनी डिविजनों में जाकर काम शुरू कर दें। जो कच्चे कर्मचारी हड़ताल पर थे। उनमें से काफी कर्मचारियों ने विभिन्न जगहों पर जाकर फिर से काम शुरू कर दिया।
तीन दिन से पानी की बूंद नहीं
श्यामनगर में रहने वाली शांति देवी ने बताया कि तीन दिन में उनके घर में पानी की बूंद तक नहीं है। लाइट चंद ही मिनटों तक आती है। जब तक पानी उन तक पहुंचता है। उस समय तक पानी चला जाता है। पूरा श्यामनगर पानी को लेकर दुखी है। यही हालत देहात में भी बनी हुई है।
घरौंडा. गुस्साए लोगों को समझाते हुए पुलिस अधिकारी।
निगदू . आंधी के बाद टूटी तारों को जोड़ते गांव वासी।