पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • रेलवे स्टेशन पर अव्यवस्था से यात्री आहत, भङ्क्षठडा मेल देगी कुछ राहत

रेलवे स्टेशन पर अव्यवस्था से यात्री आहत, भङ्क्षठडा मेल देगी कुछ राहत

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भास्कर न्यूज - तरावड़ी
भङ्क्षठडा एक्सप्रेस के ठहराव ने तरावड़ी के रेल यात्रियों को भले ही कुछ राहत मिलने वाली हो। लेकिन रेलवे स्टेशन पर सुविधाओं का आज भी टोटो ही है। यहां न शौचालय हंै और न ही पीने के स्वच्छ पानी की सुविधा। यही नहीं एक प्लेटफार्म से दूसरे पर जाने के लिए फूट ओवरब्रिज भी नहीं है। जिसके चलते कई लोग रेल लाइन पार करने के चक्कर में दुनिया से ही चले गए।
स्टेशन पर यात्री मासिक पास बनाने की सुविधा ही नहीं है। स्टेशन पर बेहतर रोशनी की व्यवस्था न होने के कारण शाम ढलने के बाद कई यात्रियों की जेब कट जाती हैं। परेशानियों के बावजूद भठिंडा एक्सप्रेस का ठहराव रेल यात्रियों के लिए सुकून देने वाला है। शहर की आबादी को देखें तो यहां के रेलवे स्टेशन पर कई लंबी दूरी की मेल ट्रेनों का ठहराव होने के साथ आधुनिक मूलभूत सुविधाएं भी होनी चाहिए।



जन आवाज - तरावड़ी रेलवे स्टेशन पर यात्रियों ने की उचित व्यवस्था करने की मांग

तरावड़ी . सुविधाओं की बाट जोहता तरावड़ी का रेलवे स्टेशन।



पानी का हो इंतजाम

सुरेंद्र कुमार का कहना है कि शौचालय के साथ-साथ स्वच्छ व ठंडे पेयजल की सुविधा भी रेलवे को तुरंत उपलब्ध करानी चाहिए। गर्मी के मौसम में दिन के समय यहां लगे नलों में पानी नहीं होता। जिसके चलते लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है।

पास की सुविधा मिले

एडवोकेट गुर तेजपाल सिंह ने कहा कि रेलवे के नियमों के मुताबिक जिस स्टेशन पर टिकटों की बिक्री ज्यादा होगी वहां ज्यादा सुविधाएं मिलेंगी। लेकिन यदि किसी स्टेशन पर मासिक पास बनाने की सुविधा न हो तो वहां टिकटों की बिक्री कैसे होगी यही स्थिति तरावड़ी स्टेशन की है। यहां सबसे पहले मासिक पास बनाने की सुविधा शुरू करनी चाहिए।

बढ़ सकेगी आमदनी

पार्षद रामसिंह का कहना है कि भङ्क्षठडा मेल का ठहराव कर रेलवे ने यात्रियों पर मेहरबानी की है। मूलभूत सुविधाएं भी स्टेशन पर उपलब्ध करवाई जाएं तो रेलवे की आमदनी में इजाफा होगा।

महिला शौचालय तक नहीं

भारत चौधरी का कहना है कि रेलवे स्टेशन पर सबसे पहले महिलाओं के लिए शौचालय की जरूरत है। जो पिछले कई सालों से बंद पड़े हैं। इन्हें खोलना चाहिए। स्टेशन पर ज्यादातर पैसेंजर ट्रेनों का ठहराव है जिनमें शौचालय की सुविधा नहीं होती।