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रात को गुपचुप समझौता क्यों किया, रोडवेज कर्मियों में गुस्सा
भास्कर न्यूज - नरवाना
हरियाणा रोडवेज वर्करज यूनियन की हड़ताल चौथे दिन भी जारी रही। हड़ताल की अध्यक्षता सचिव जसमेल श्योकन्द ने की।
श्योकन्द ने बताया कि 20-21 जनवरी, 2014 की रात को जो कुछ हुआ वो अब आपके-सामने है। अपने ही नेताओं द्वारा मंत्रियों के साथ जो डील की गई उससे हरियाणा रोडवेज के कर्मचारी ठगा सा महसूस करते हैं। उनके दिल में मलाल व आक्रोश है और जबान से नेताओं को कोस रहे हैं। कर्मचारियों ने 20 जनवरी की हड़ताल में, उससे पहले 13-14 नवंबर की हड़ताल में और पिछले तीन सालों से निजी रूट परमिटों के खिलाफ संघर्ष में जो एकता और हौंसला दिखाया था। परन्तु समझौता करने वाले नेताओं ने नाक कटवा दी। राज्य सचिव प्रदीप शर्मा व राज्य उपप्रधान रामकुमार नैन ने संयुक्त बयान में बताया कि समझौते के कागज पर सरकार की ओर से चार और संगठनों की ओर से छ: लोगों की हस्ताक्षर हैं।
3519 निजी रूट परमिट पर कमेटी के सामने कर्मचारी सुझाव देंगे। उसके बाद कमेटी निर्णय लेगी। रोडवेज का एक भी कर्मचारी निजी रूट परमिट के हक में नहीं है, यह बात सरकार को नहीं बताई जा चुकी है। तब कमेटी को क्या विचार करना है। यानि कमेटी बनाना ढोंग के सिवाय कुछ नहीं है। उन्होंने बताया कि एसपीएल चालक परिचालकों के नियमित नियुक्ति तिथि से वेतनमान देने के मामले में एरियर न देने का मतलब है एक-एक कर्मचारी को लाखों रुपए का नुकसान और कुल मिलाकर 300 करोड़ रुपए सरकार की झोली में डाल देना। क्या नेताओं को ऐसा करने का नैतिक या कानूनी अधिकार था। ना तो संबन्धित कर्मचारियों से पूछा कि एरियर छोडऩे के लिए तैयार है या नहीं। नेता नरेन्द्र शर्मा ने बताया कि 13 मांगों पर पहले ही सहमति बन चुकी थी। स्वयं परिवहन मंत्री ने ऐसा बयान अखबारों में दिया किंतु इस समझौते में अन्य मांगों से भी मुकर गए।
राज्य महासचिव धर्मवीर हुड्डा व जींद डिपो प्रधान ईश्वर तालू ने कहा कि समझौता करने वाले जवाब दें कि उनकी ऐसी क्या मजबूरी थी कि उन्हें रात पाड़कर गुपचुप समझौता करना पड़ा। तालमेल कमेटी के महत्वपूर्ण घटक हरियाणा रोडवेज वर्कर यूनियन संबंध सर्व कर्मचारी संघ के नेताओं को साथ क्यों नहीं लिया। ऐसे समझौते से क्या फायदा जिससे रोडवेज के कर्मचारी व जनता अपने आपको ठगा से महसूस कर रहे हैं।
नरवाना. हड़ताल के दौरान शहर में प्रदर्शन करते कर्मचारी।
आमरण अनशन पर बैठे राज्य प्रधान देवेंद्र खुंगा ने कहा कि इस दौरान अगर सरकार व जिला प्रशासन ने कोई ज्यादती करने की कोशिश की गई तो फिर से फिर से हरियाणा राज्य एजुकेशन मिनिस्ट्रियल स्टाफ एसोसिएशन हड़ताल पर उतर आएगी। उन्होंने कहा कि अब चाहे परिणाम कुछ भी हो चाहे उनकी जान भी क्यों न जाए उनका आमरण अनशन जारी रहेगा। इस अवसर पर जिला प्रधान संजीत कौशिक, बिजेंद्र शर्मा कुरू क्षेत्र, सुरेश कैथल, अशोक झज्जर, राज सिंह अहलावत रोहतक, अजय बख्शी अम्बाला, महेंद्र चोपड़ा फतेहाबाद, राजेश शर्मा करनाल आदि जिलों के कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
मांग पूरी होने तक करेंगे अनशन